अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद द्वारा ‘युवा गौरव’ से सम्मानित हितेश भांडिया

० आशा पटेल ० 
लाडनूं। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के सर्वोच्च सम्मान ‘युवा गौरव’ से जयपुर के युवा समाजसेवी एवं संगठनकर्ता हितेश भांडिया को जैन विश्व भारती, लाडनूं में आचार्य श्री महाश्रमण जी और  साधु साध्वियों के सान्निध्य में सम्मानित किया गया। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के 60वें वार्षिक अधिवेशन के अवसर पर देशभर से आए प्रतिनिधियों एवं बड़ी संख्या में उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं की उपस्थिति में भांडिया को यह अलंकरण प्रदान किया गया।
हितेश भांडिया लंबे समय से संगठन, रक्तदान एवं सामाजिक सेवा के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। समाज एवं जनसेवा के क्षेत्र में उनके निरंतर योगदान के लिए उन्हें पूर्व में भी अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। विशेष रूप से रक्तदान जागरूकता, युवाओं को सामाजिक कार्यों से जोड़ने तथा विभिन्न सेवा गतिविधियों के माध्यम से उन्होंने अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई है।
इस अवसर पर आचार्य महाश्रमण ने भांडिया को आशीर्वाद प्रदान करते हुए उन्हें आध्यात्मिकता से और अधिक जुड़ने तथा भविष्य में भी अधिक निष्ठा, समर्पण एवं सक्रियता के साथ सेवा कार्यों में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी भांडिया विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं व्यावसायिक संस्थाओं के संगठनात्मक कार्यों से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। वे जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन , अनुविभा जयपुर केंद्र , अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद तथा जयपुर ज्वेल्स फाउंडेशन सहित अनेक संस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए सामाजिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों में योगदान दे रहे हैं।
भांडिया को अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के इस सर्वोच्च सम्मान ‘युवा गौरव’ से अलंकृत किए जाने पर जयपुर के जैन समाज में हर्ष एवं उत्साह का वातावरण रहा। इस अवसर का भांडिया के प्रति अपना स्नेह एवं समर्थन व्यक्त करने के लिए जयपुर से 300 से अधिक समाजबंधु लाडनूं पहुंचे। इस अवसर पर राजेंद्र बरडिया, दलपत लोढ़ा ,राजेंद्र बाँठिया , राजकुमार बरडिया, ओमप्रकाश जैन, पन्नालाल बैद, विजय सिंह बैद, शांतिलाल गोलेच्छा, सुधीर कोठारी, राजकुमार बाफना, लक्ष्मीकांत कोठारी अविनाश नाहर प्रवीण जैन सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्यजन एवं युवा उपस्थित रहे।
हितेश भांडिया ने इस अलंकरण के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि उन हजारों हाथों, साथियों, वरिष्ठजनों एवं समाजबंधुओं के स्नेह, विश्वास, आशीर्वाद और सहयोग का सम्मान है, जिन्होंने उन्हें निरंतर सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। भांडिया ने कहा कि उनके लिए यह सम्मान गुरु कृपा का प्रसाद, समाज के स्नेह का प्रतीक और भविष्य में और अधिक जिम्मेदारी एवं निष्ठा के साथ कार्य करने की प्रेरणा है।

उन्होंने इस प्रतिष्ठित ‘युवा गौरव’ सम्मान को जयपुर की संपूर्ण युवा शक्ति को समर्पित करते हुए संकल्प व्यक्त किया कि आने वाले समय में वे और अधिक सक्रियता, निष्ठा एवं समर्पण के साथ समाजसेवा, संगठन निर्माण, रक्तदान एवं जनकल्याण के कार्यों में अपना योगदान देते रहेंगे। उन्होंने विशेष रूप से उन सभी समाजबंधुओं का आभार व्यक्त किया जो जयपुर से लाडनूं तक यात्रा कर इस अवसर पर उनके साथ खड़े रहे और अपने स्नेह एवं समर्थन से इस उपलब्धि को उनके लिए और भी भावपूर्ण बना दिया।

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