जीनस पावर इंफ्रास्ट्रक्चर और जयपुर नगर निगम ने स्वच्छ जयपुर के लिए मोबाइल एयर प्यूरीफिकेशन वाहन की शुरुआत

० संवाददाता द्वारा ० 
जयपुर : जीनस पावर इंफ्रास्ट्रक्चर ने जयपुर नगर निगम के साथ मिलकर जयपुर के पहले मोबाइल एयर प्यूरीफिकेशन वाहन का शुभारंभ किया। यह पहल शहर में बढ़ती गर्मी और वायु गुणवत्ता संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए एक अभिनव एवं प्रौद्योगिकी-आधारित समाधान के रूप में तैयार की गई है।
इस अनूठी पहल को सांगानेर स्टेडियम में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जयपुर नगर निगम के आयुक्त ओम प्रकाश कसैरा (आईएएस) तथा जीनस पावर इंफ्रास्ट्रक्चर के डाइरेक्टर एन. एल. नामा भी उपस्थित रहे। जयपुर में बढ़ते तापमान, सड़क की धूल और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन की चुनौतियों को देखते हुए यह मोबाइल एयर प्यूरीफिकेशन वाहन प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों में लक्षित समाधान प्रदान करेगा।

 इसमें 1,000 PSI से अधिक दबाव पर कार्य करने वाली हाई-प्रेशर मिस्टिंग प्रणाली लगी है, जो पानी को 10–20 माइक्रॉन आकार की अति सूक्ष्म बूंदों में परिवर्तित करती है। यह मिस्ट हवा में मौजूद प्रदूषक कणों को प्रभावी ढंग से पकड़ने के साथ-साथ आसपास के तापमान को भी कम करती है, जिससे वर्षा के प्राकृतिक शुद्धिकरण प्रभाव का अनुभव होता है।

आईआईटी खड़गपुर द्वारा विकसित इस तकनीक में उपयुक्त परिस्थितियों में स्थानीय स्तर पर वायु में मौजूद पार्टिकुलेट मैटर (PM) को 70% तक कम करने की क्षमता है। यह इसे अत्यधिक यातायात वाले मार्गों, बाजारों और घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में उपयोग के लिए एक प्रभावी समाधान बनाता है  जीनस पावर इंफ्रास्ट्रक्चर के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन ईश्वर चंद अग्रवाल ने कहा,

"प्रौद्योगिकी का वास्तविक प्रभाव तब दिखाई देता है जब वह जमीनी स्तर की चुनौतियों का समाधान करती है। यह पहल उन समुदायों के लिए सार्थक नवाचारों को लागू करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जहां से हम आते हैं और कार्य करते हैं। शहरी क्षेत्रों में बढ़ती गर्मी और वायु प्रदूषण जैसी चुनौतियों के लिए व्यावहारिक और विस्तार योग्य समाधानों की आवश्यकता है।

यह वाहन फिलहाल एक पायलट परियोजना के रूप में शुरू किया गया है, जिसके तहत स्थानीय वायु गुणवत्ता और गर्मी में कमी पर इसके वास्तविक प्रभाव का आकलन किया जाएगा। इसके माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में इसकी प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया जाएगा, जिसके बाद इसे जयपुर के अन्य हिस्सों में व्यापक स्तर पर लागू करने पर विचार किया जा सकता है।

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