कारीगरों एवं बुनकरों के लिए उद्यमिता,डिजाइन एवं उत्पाद विकास कार्यशाला का आयोजन

० आशा पटेल ० 
जोधपुर , राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर, केंद्रीय ऊन विकास बोर्ड (CWDB) द्वारा एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स (EPCH) के सहयोग से कारीगरों एवं बुनकरों के लिए "उद्यमिता, डिजाइन एवं उत्पाद विकास" पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ईपीसीएच के पूर्व सीओए सदस्य एवं जोधपुर के निर्यातक हंसराज बाहेती, विशिष्ट अतिथि जी.एस. भाटी, कार्यकारी निदेशक, केंद्रीय ऊन विकास बोर्ड, महेंद्र दहिया, निफ्ट, जोधपुर; डॉ. गौरव वैद्य, आईआईटी, जोधपुर; डॉ. रुचिका डावर, निफ्ट, जोधपुर; तथा गोपाल शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, ईपीसीएच की उपस्थिति रही।
संबोधित करते हुए जी.एस. भाटी, कार्यकारी निदेशक, केंद्रीय ऊन विकास बोर्ड ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के इतिहास एवं महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित कारीगरों एवं बुनकरों का स्वागत करते हुए उन्हें कौशल उन्नयन तथा सतत आजीविका के लिए उद्यमिता अपनाने हेतु प्रेरित किया। इसके पश्चात हंसराज बाहेती ने प्रतिभागियों को कार्यशाला का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया तथा डिजिटल मार्केटिंग, साइबर जागरूकता एवं निरंतर ज्ञान एवं कौशल उन्नयन के महत्व पर बल दिया।
डॉ. गौरव वैद्य, आईआईटी, जोधपुर ने बाजार के बदलते रुझानों एवं उत्पाद विकास पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने उपभोक्ताओं की बदलती पसंद, सतत उत्पादन, मूल्य संवर्धन, ग्राहकों को बेहतर अनुभव प्रदान करने तथा उत्पाद डिजाइन, पैकेजिंग एवं लेबलिंग के महत्व पर प्रकाश डाला।
डॉ. रुचिका डावर, निफ्ट, जोधपुर ने उद्यमिता विकास विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए व्यवसायिक अवसरों की पहचान, नवीन विचारों का विकास, व्यवसाय योजना, पूंजी की व्यवस्था, स्टार्टअप की स्थापना तथा उद्यम के विस्तार की रणनीतियों पर जानकारी साझा की।
 महेंद्र दहिया, निफ्ट, जोधपुर ने अपने अनुभव साझा करते हुए बाजार अनुसंधान, कौशल विकास, उत्पादन योजना, उत्पाद वर्गीकरण, लेबलिंग, पैकेजिंग, टैगिंग, विजुअल मर्चेंडाइजिंग तथा प्रभावी विपणन के महत्व पर प्रकाश डाला। गोपाल शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, ईपीसीएच ने उद्यमिता विकास कार्यक्रम (EDP) पर प्रस्तुति देते हुए उद्यमिता के महत्व, वर्तमान बाजार परिदृश्य, एमएसएमई योजनाओं तथा कारीगरों के लिए उपलब्ध विभिन्न सरकारी सहायता एवं नीतिगत प्रावधानों की जानकारी दी।

कार्यक्रम में कारीगरों एवं बुनकरों ने विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर चर्चा कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। तत्पश्चात सभी विशिष्ट अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।

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