वयोवृद्ध पत्रकार, लेखक और समाजसेवी प्रवीण चन्द्र छाबड़ा का जे पी नड्डा ने सम्मान किया
० आशा पटेल ०
जयपुर। जयपुर के वयोवृद्ध पत्रकार, लेखक और समाजसेवी प्रवीण चन्द्र छाबड़ा का आयु के 97 पड़ाव पूरे करने पर उनके निवास पर जाकर केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा ने सम्मान किया और कहा कि भाईसाहब के नाम से प्रसिद्ध छाबड़ाजी का पूरा जीवन एक आदर्श है और समाज के लिए कुछ करने की भावना आज भी उनके दिल में जागृत है।
नड्डा जयपुर में हर घर तिरंगा कार्यक्रम की शुरूआत करने के लिए आए थे। टोंक रोंड़ पर तारों की कूंट स्थिति आवास पर पहुंचे और उनका माला पहनाकर और दुपट्टा ओढाक़र सम्मान किया। नड्डा के साथ राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी, भाजपा के राजस्थान प्रभारी राधामोहन अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, संगठन महामंत्री अजय कुमार, जयपुर नगर नियम आउटर के महापौर रहे पुनीत कर्णावट और विधायक एवं पत्रकार गोपाल शर्मा सहित अनेक भाजपा नेता भी छाबड़ा के आवास पर पहुंचे।सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने नड्डा को जानकारी दी कि छाबड़ा ने 1948 में स्वतंत्रता सेनानी अर्जुनलाल सेठी पर एक लेख लिखकर पत्रकारिता की शुरूआत की थी। राजस्थान श्रमजीवी पत्रकार संघ, पिंकसिटी प्रेस क्लब के संस्थापक छाबड़ा ने दैनिक जयभूमि, लोमान्य, लोकवाणी, समाचार भारती, दैनिक विश्वमित्र, सहित अनेक प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में कार्य किया।
जयपुर। जयपुर के वयोवृद्ध पत्रकार, लेखक और समाजसेवी प्रवीण चन्द्र छाबड़ा का आयु के 97 पड़ाव पूरे करने पर उनके निवास पर जाकर केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा ने सम्मान किया और कहा कि भाईसाहब के नाम से प्रसिद्ध छाबड़ाजी का पूरा जीवन एक आदर्श है और समाज के लिए कुछ करने की भावना आज भी उनके दिल में जागृत है।
नड्डा जयपुर में हर घर तिरंगा कार्यक्रम की शुरूआत करने के लिए आए थे। टोंक रोंड़ पर तारों की कूंट स्थिति आवास पर पहुंचे और उनका माला पहनाकर और दुपट्टा ओढाक़र सम्मान किया। नड्डा के साथ राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी, भाजपा के राजस्थान प्रभारी राधामोहन अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, संगठन महामंत्री अजय कुमार, जयपुर नगर नियम आउटर के महापौर रहे पुनीत कर्णावट और विधायक एवं पत्रकार गोपाल शर्मा सहित अनेक भाजपा नेता भी छाबड़ा के आवास पर पहुंचे।सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने नड्डा को जानकारी दी कि छाबड़ा ने 1948 में स्वतंत्रता सेनानी अर्जुनलाल सेठी पर एक लेख लिखकर पत्रकारिता की शुरूआत की थी। राजस्थान श्रमजीवी पत्रकार संघ, पिंकसिटी प्रेस क्लब के संस्थापक छाबड़ा ने दैनिक जयभूमि, लोमान्य, लोकवाणी, समाचार भारती, दैनिक विश्वमित्र, सहित अनेक प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में कार्य किया।
आजादी के बाद पहली विधानसभा के गठन के कवरेज से लेकर वे अब तक राजस्थान की राजनीति से गहरे जुड़े हैं। प्रदेश के सभी मुख्यमंत्री न केवल छाबड़ा का सम्मान करते थे बल्कि अनेक अवरों पर उनकी राय का सम्मान भी करते थे। वे जहां अपनी साफगोई के लिए जाने जाते हैं वहीं वे सभी के साथ मित्रता का भाव रखते हैं।
चूलगिरि का विकास हो या महावीर कैंसर हास्पीटल की स्थापना का कार्य, स्टेच्यू सर्किल पर सवाई जयसिंह की मूर्ति, बिडलाा मंदिर प्लेनेटोरियम, कनक वृन्दावन, छाबड़ा हमेशा प्राणप्रण से जुडे रहे हैं। शहर की अनेक सामाजिक संस्थाओं की स्थापना और परिवर्धन में छाबड़ा की महती भूमिका रही है। राजस्थान के पूव्र मुख्यमंत्री मोहनलाल सुखाडिय़ा, भैरोसिंह शेखावत, अशोक गहलोत और हरिदेव जोशी के साथ छाबड़ा का गहरा जुड़ाव रहा है।
तिवाड़ी ने बताया कि छाबड़ाजी का पूरा जीवन निस्वार्थ भाव से कार्य करने के आदर्श से भरा हुआ है और उनका यह भाव सभी के लिए अनुकरणीय है। पत्रकारों के हित के लिए हमेशा संघर्षरत रहे छाबड़ा आज भी सभी उम्र के पत्रकारों से लगातार सम्पर्क रखते हैं।
पत्रकार और विधायक गोपाल शर्मा ने छाबड़ा के राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत के कुछ संस्मरण को ताजा किया और कहा कि प्रसिद्ध छाबड़ा जी के दरवाजे राजनेता हो या पत्रकार सभी के लिए हमेशा खुले रहते हैं। उन्होंने बताया कि छाबड़ा ने चांदन के बाबा पुस्तक लिखी जिसका विमोचन तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैलसिंह ने किया। परम पुरुषार्थ अहिसा,धम्मं शरणँ और हाल ही निज से- निज को : सहज और आनंदमय जीवन के सूत्र पुस्तक भी लिखी है।
नड्डा ने छाबड़ा के साथ बात की और उनकी चार पीढिय़ों के सदस्यों से मुलाकात की। छाबड़ा ने राजनीति से जुड़े अनेक संस्मरण नड्डा के साथ साझा किए। नड्डा ने बाद में छाबड़ा की पुत्रवधु निरू छाबड़ा की अक्षत के दानों पर विभिन्न कलाकृतियों और अक्षत के दानों पर लिखे मंत्र और पर्यावरण सन्देशों का अवलोकन किया और उनके कार्य की सराहना की।
पत्रकार और विधायक गोपाल शर्मा ने छाबड़ा के राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत के कुछ संस्मरण को ताजा किया और कहा कि प्रसिद्ध छाबड़ा जी के दरवाजे राजनेता हो या पत्रकार सभी के लिए हमेशा खुले रहते हैं। उन्होंने बताया कि छाबड़ा ने चांदन के बाबा पुस्तक लिखी जिसका विमोचन तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैलसिंह ने किया। परम पुरुषार्थ अहिसा,धम्मं शरणँ और हाल ही निज से- निज को : सहज और आनंदमय जीवन के सूत्र पुस्तक भी लिखी है।
नड्डा ने छाबड़ा के साथ बात की और उनकी चार पीढिय़ों के सदस्यों से मुलाकात की। छाबड़ा ने राजनीति से जुड़े अनेक संस्मरण नड्डा के साथ साझा किए। नड्डा ने बाद में छाबड़ा की पुत्रवधु निरू छाबड़ा की अक्षत के दानों पर विभिन्न कलाकृतियों और अक्षत के दानों पर लिखे मंत्र और पर्यावरण सन्देशों का अवलोकन किया और उनके कार्य की सराहना की।
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