खनन नहीं रुका तो बारिश घटेगी,नदियां सूखेंगी प्रदेश में तुरंत बने अरावली संरक्षण हेतु कानून

० आशा पटेल ० 
जयपुर | अरावली पर्वत माला सिर्फ पहाड़ नहीं है , वरन राजस्थान की पानी की सबसे बड़ी उम्मीद है। अरावली के सीने में लगातार हो रहा खनन यदि नहीं रुका तो प्रदेश का 'पेयजल बैंक' खत्म हो सकता है। पर्यावरणविदों, कानून विशेषज्ञ और भूगर्भ वैज्ञानिकों ने जयपुर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सरकार और सुप्रीम कोर्ट को यह गंभीर और आसन्न चेतावनी दी।
राष्ट्रीय जल बिरादरी के बैनर तले हुए संवाददाता सम्मेलन में रैमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित पर्यावरण विद , जल संरक्षण विशेषज्ञ राजेंद्र सिंह, पूर्व महाधिवक्ता गिरधारी सिंह बापना और भूगर्भ वैज्ञानिक प्रो. के. एल. श्रीवास्तव ने अरावली में खनन को लेकर गठित कमेटी पर भी सवाल उठाए। राजेंद्र सिंह ने कहा कि यह बहुत ही अफसोस जनक बात है कि अरावली जैसी संवेदनशील पर्वतमाला का भविष्य विशेषज्ञों के बजाय कनिष्ठ अधिकारियों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता।
पूर्व महाधिवक्ता गिरधारी सिंह बापना ने कहा कि उन्होंने अरावली की नई परिभाषा को लेकर कमेटी को आपत्तियां भेजी हैं, किन्तु सरकार का कोई स्पष्टीकरण नहीं आया | पर्यावरण विद , जल संरक्षण विशेषज्ञ राजेंद्र सिंह ने कहा कि अरावली बारिश के स्वरूप और वितरण को प्रभावित करती है। इसके क्षरण से जलग्रहण क्षेत्र प्रभावित होंगे और नदियों के सूखने की रफ्तार बढ़ेगी। उन्होंने कहा की हमने कमेटी को सुझाव देने के साथ पहाड़ों के संरक्षण के लिए प्रस्तावित 'द इंडियन माउंटेन्स प्रिजर्वेशन, कंजर्वेशन एंड प्रोटेक्शन एक्ट, 2026' का ड्राफ्ट भी सौंपा है। प्रो. के एल श्रीवास्तव ने कहा कि अरावली राजस्थान का पेयजल बैंक है|

अरावली पर्वतमाला की परिभाषा और सीमा तय करने व संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित हाई पावर कमेटी के सदस्य और चेयरपर्सन कंचन देवी राज राजस्थान प्रवास पर हैं।इस हाई पावर कमेटी के सदस्यों ने जयपुर- पहाड़ी एवं माइनिंग क्षेत्र का फलोदी मेगा हाईवे के पास स्थित निरीक्षण किया। कमेटी के सदस्यों ने माइनिंग क्षेत्र में गतिविधियों, सुरक्षा व्यवस्थाओं सहित अन्य बिंदुओं की जानकारी ली। साथ ही मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनी। किन्तु अब तक उनकी कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है|

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

प्रताप नगर की 87 कॉलोनियों,औद्योगिक संकट और सांगानेर के विकास पर जनसुनवाई

स्पेशल ओलंपिक्स यूनिफाइड बास्केटबॉल 3x3 वर्ल्ड कप भारत ने जीता ब्रॉन्ज मेडल

राजस्थान के सरकारी विश्वविद्यालयों के पेंशनर्स हुए लामबंद

सांगानेर में सरकार की संवेदनहीनता से 87 कॉलोनियों पर संकट

इंडिया इंटरनेशनल हॉस्पिटैलिटी एक्सपो में ईपीसीएच पवेलियन ने भारतीय शिल्प कौशल का किया प्रदर्शन

IFWJ के पत्रकारों का सिस्टम के विरुद्ध अनिश्चितकालीन धरना

पेंशनर सोसाइटी ने पेंशनर्स समस्या हल करने हेतु राज्यपाल से लगाई गुहार