विकास यात्रा में महिलाओं की भागीदारी को केंद्र में रखना जरूरी : Dy CM दिया कुमारी
० आशा पटेल ०
जयपुर, आज राज्य की महिलाएं शासन, प्रशासन, उद्यमिता, शिक्षा, खेल, रक्षा, कला और उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। लाडो प्रोत्साहन योजना, राजीविका, लखपति दीदी, इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना और वर्क फ्रॉम होम योजना जैसी पहलों के माध्यम से राज्य सरकार महिलाओं को उनके सफर के अलग-अलग चरणों में सहयोग प्रदान कर रही है। हालांकि, महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए एक अनुकूल और मजबूत माहौल तैयार करने में सरकार को उद्योग जगत के सहयोग की आवश्यकता है।
राजस्थान रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा), की चेयरपर्सन, वीनू गुप्ता ने कहा कि "भारत की आबादी में महिलाओं की हिस्सेदारी 48% और लेबर फ़ोर्स में 41% है, जिससे समावेशी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए उनकी सक्रिय भागीदारी जरूरी हो जाती है। उन्होंने महिलाओं के सामने आने वाली प्रोफ़ेशनल और पर्सनल चुनौतियों और दोनों के बीच संतुलन बनाने के लिए किए जाने वाले निरंतर प्रयासों पर बात की।
समिट की शुरुआत सीआईआई राजस्थान के चेयरमैन, रजनीश भंडारी द्वारा स्वागत संबोधन से हुई। इस अवसर पर उन्होंने राजस्थान में महिलाओं को नेतृत्व के अवसर उपलब्ध कराने, महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और कार्यस्थलों को अधिक समावेशी बनाने के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम में महिला उद्यमियों, कॉरपोरेट क्षेत्र की वरिष्ठ महिला अधिकारियों, प्रोफेशनल्स और नीति-निर्माताओं को एक मंच पर लाया गया।
‘आयरन लेडी ऑफ जयपुर’ रेनू सिंघी ने 50 वर्ष की उम्र के बाद अपने जीवन में एक नई शुरुआत करने और ‘आयरन लेडी ऑफ जयपुर’ के रूप में अपनी पहचान बनाने की यात्रा साझा की। उन्होंने कहा कि उम्र कभी भी हमारी क्षमता और आकांक्षाओं की सीमा नहीं बननी चाहिए। महिलाओं को अपने लिए जीने का संदेश देते हुए उन्होंने उन्हें अपना उद्देश्य पहचानने, अपने सपनों को पूरा करने और एक सार्थक जीवन बनाने के लिए प्रेरित किया।
कॉन्फेट्टी गिफ्ट्स की फाउंडर, सौम्या काबरा ने अपनी उद्यमिता यात्रा के अनुभवों और व्यक्तिगत किस्सों के माध्यम से महत्वपूर्ण सीख दी। उन्होंने कहा कि जब आप शुरुआत करते हैं, तो आप केवल एक व्यवसाय नहीं बनाते, बल्कि वह व्यवसाय भी आपको बेहतर बनाता है। उन्होंने उभरते उद्यमियों को पहला कदम उठाने, निरंतर प्रयास करते रहने और पूरी प्रक्रिया पर भरोसा रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विकास के लिए लगातार प्रयास और दृढ़ता बेहद जरूरी है।
जीए इन्फ्रा की क्रिएटिव डायरेक्टर एवं चल शूज की फाउंडर, मालविका अग्रवाल ने कहा कि डिजाइन केवल किसी चीज को आकर्षक बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य सार्थक बदलाव लाना भी है। उन्होंने अपने अनुभवों के माध्यम से बताया कि सोच-समझकर किया गया डिजाइन वास्तविक जरूरतों को पूरा करने, नए अवसर पैदा करने और लोगों के जीवन में स्थायी बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
सीआईआई राजस्थान के वाइस चेयरमैन एवं सिक्योर मीटर्स लि के ग्रुप सीईओ, सुकेत सिंघल ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए केवल उन्हें प्रेरित करना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए उनके परिवारों को शिक्षित और साथ लेकर चलना भी जरूरी है, ताकि महिलाओं के आगे बढ़ने और नेतृत्व करने के लिए अनुकूल माहौल तैयार हो सके। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने परिवार, कार्यस्थल और समुदाय में आत्मविश्वास के साथ निर्णय लेने वाली और बदलाव लाने वाली भूमिका निभाने के लिए सक्षम बनाना जरूरी है।
सत्र का संचालन आईडब्ल्यूएन राजस्थान की चेयरपर्सन एवं स्वास्थ्य कल्याण ग्रुप की सीईओ, श्रद्धा अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम के अंत में आईडब्ल्यूएन राजस्थान की वाइस चेयरपर्सन एवं डॉ. बी. लाल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी की डायरेक्टर डॉ. सुदीप्ति अरोड़ा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में सीआईआई राजस्थान के सीनियर डायरेक्टर एवं हेड, नितिन गुप्ता भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर सीआईआई - आईडब्ल्यूएन न्यूज़लैटर का विमोचन भी किया गया।
जयपुर, आज राज्य की महिलाएं शासन, प्रशासन, उद्यमिता, शिक्षा, खेल, रक्षा, कला और उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। लाडो प्रोत्साहन योजना, राजीविका, लखपति दीदी, इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना और वर्क फ्रॉम होम योजना जैसी पहलों के माध्यम से राज्य सरकार महिलाओं को उनके सफर के अलग-अलग चरणों में सहयोग प्रदान कर रही है। हालांकि, महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए एक अनुकूल और मजबूत माहौल तैयार करने में सरकार को उद्योग जगत के सहयोग की आवश्यकता है।
इसके लिए कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडियन इंडस्ट्रीज़ और इंडियन वुमन नेटवर्क को राज्य सरकार के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत करना चाहिए। महिलाओं को मेंटरशिप, वित्तीय सहायता, तकनीक, बाजार तक पहुंच और नेतृत्व के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में उद्योग जगत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
यह बात राजस्थान की उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने जयपुर में सीआईआई-आईडब्ल्यूएन राजस्थान एनुअल सेशन एवं 7वें वुमन लीडरशिप समिट 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में कही। इस वर्ष समिट की थीम 'आर्किटेस्ट्स ऑफ विकसित भारत: वुमन ड्राइविंग ग्रोथ कर्व' रही। दिया कुमारी ने कहा कि राजस्थान की महिलाओं की साहस और उपलब्धियों की गौरवशाली परंपरा रही है।
इतना ही नहीं राज्य की महिलाएं शासन, प्रशासन, उद्यमिता, शिक्षा, खेल, रक्षा, कला और उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन भी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान वर्ष 2030 तक 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इस विकास यात्रा में महिलाओं की भागीदारी को केंद्र में रखना जरूरी है।
राजस्थान रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा), की चेयरपर्सन, वीनू गुप्ता ने कहा कि "भारत की आबादी में महिलाओं की हिस्सेदारी 48% और लेबर फ़ोर्स में 41% है, जिससे समावेशी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए उनकी सक्रिय भागीदारी जरूरी हो जाती है। उन्होंने महिलाओं के सामने आने वाली प्रोफ़ेशनल और पर्सनल चुनौतियों और दोनों के बीच संतुलन बनाने के लिए किए जाने वाले निरंतर प्रयासों पर बात की।
इन चुनौतियों से निपटने के लिए उन्होंने खुद में निवेश करने, मजबूत सपोर्ट सिस्टम बनाने और यह स्वीकार करने की जरूरत पर जोर दिया कि हर काम अकेले करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को छूटे हुए अवसरों पर ध्यान देने के बजाय हमेशा बड़े लक्ष्य और व्यापक तस्वीर को ध्यान में रखना चाहिए।
समिट की शुरुआत सीआईआई राजस्थान के चेयरमैन, रजनीश भंडारी द्वारा स्वागत संबोधन से हुई। इस अवसर पर उन्होंने राजस्थान में महिलाओं को नेतृत्व के अवसर उपलब्ध कराने, महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और कार्यस्थलों को अधिक समावेशी बनाने के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम में महिला उद्यमियों, कॉरपोरेट क्षेत्र की वरिष्ठ महिला अधिकारियों, प्रोफेशनल्स और नीति-निर्माताओं को एक मंच पर लाया गया।
‘आयरन लेडी ऑफ जयपुर’ रेनू सिंघी ने 50 वर्ष की उम्र के बाद अपने जीवन में एक नई शुरुआत करने और ‘आयरन लेडी ऑफ जयपुर’ के रूप में अपनी पहचान बनाने की यात्रा साझा की। उन्होंने कहा कि उम्र कभी भी हमारी क्षमता और आकांक्षाओं की सीमा नहीं बननी चाहिए। महिलाओं को अपने लिए जीने का संदेश देते हुए उन्होंने उन्हें अपना उद्देश्य पहचानने, अपने सपनों को पूरा करने और एक सार्थक जीवन बनाने के लिए प्रेरित किया।
कॉन्फेट्टी गिफ्ट्स की फाउंडर, सौम्या काबरा ने अपनी उद्यमिता यात्रा के अनुभवों और व्यक्तिगत किस्सों के माध्यम से महत्वपूर्ण सीख दी। उन्होंने कहा कि जब आप शुरुआत करते हैं, तो आप केवल एक व्यवसाय नहीं बनाते, बल्कि वह व्यवसाय भी आपको बेहतर बनाता है। उन्होंने उभरते उद्यमियों को पहला कदम उठाने, निरंतर प्रयास करते रहने और पूरी प्रक्रिया पर भरोसा रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विकास के लिए लगातार प्रयास और दृढ़ता बेहद जरूरी है।
जीए इन्फ्रा की क्रिएटिव डायरेक्टर एवं चल शूज की फाउंडर, मालविका अग्रवाल ने कहा कि डिजाइन केवल किसी चीज को आकर्षक बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य सार्थक बदलाव लाना भी है। उन्होंने अपने अनुभवों के माध्यम से बताया कि सोच-समझकर किया गया डिजाइन वास्तविक जरूरतों को पूरा करने, नए अवसर पैदा करने और लोगों के जीवन में स्थायी बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
सीआईआई राजस्थान के वाइस चेयरमैन एवं सिक्योर मीटर्स लि के ग्रुप सीईओ, सुकेत सिंघल ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए केवल उन्हें प्रेरित करना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए उनके परिवारों को शिक्षित और साथ लेकर चलना भी जरूरी है, ताकि महिलाओं के आगे बढ़ने और नेतृत्व करने के लिए अनुकूल माहौल तैयार हो सके। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने परिवार, कार्यस्थल और समुदाय में आत्मविश्वास के साथ निर्णय लेने वाली और बदलाव लाने वाली भूमिका निभाने के लिए सक्षम बनाना जरूरी है।
सत्र का संचालन आईडब्ल्यूएन राजस्थान की चेयरपर्सन एवं स्वास्थ्य कल्याण ग्रुप की सीईओ, श्रद्धा अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम के अंत में आईडब्ल्यूएन राजस्थान की वाइस चेयरपर्सन एवं डॉ. बी. लाल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी की डायरेक्टर डॉ. सुदीप्ति अरोड़ा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में सीआईआई राजस्थान के सीनियर डायरेक्टर एवं हेड, नितिन गुप्ता भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर सीआईआई - आईडब्ल्यूएन न्यूज़लैटर का विमोचन भी किया गया।
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