MSME विकास (संशोधन) अधिनियम 2026 का राजस्थान चैंबर ने किया स्वागत,भुगतान संबंधी समस्याओं का होगा समाधान : डॉ.के.एल.जैन
० आशा पटेल ०
जयपुर, राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (RCCI) ने संसद द्वारा पारित सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) अधिनियम, 2026 का स्वागत करते हुए इसे देश के एमएसएमई क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम बताया है।
राजस्थान चैंबर के अध्यक्ष डॉ. के. एल. जैन ने कहा कि एमएसएमई भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और देश में रोजगार सृजन, उत्पादन, निर्यात तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में एमएसएमईडी अधिनियम में किए गए नवीन संशोधन इस क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान करेंगे और देश में एमएसएमई के विस्तार एवं विकास का मार्ग प्रशस्त करेंगे।डॉ. जैन ने कहा कि संशोधन में विलंबित भुगतान के मामलों के त्वरित निपटारे, ऑनलाइन विवाद समाधान, एमएसई फैसिलिटेशन काउंसिल को मजबूत करने, बकाया राशि की वसूली को प्रभावी बनाने तथा टीआरईडीएस के माध्यम से भुगतान को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। इन प्रावधानों से विशेष रूप से छोटे उद्यमों की कार्यशील पूंजी और नकदी प्रवाह की समस्या कम होगी तथा उन्हें समय पर भुगतान प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
राजस्थान चैंबर के अध्यक्ष ने विश्वास व्यक्त किया कि इन संशोधनों के प्रभावी क्रियान्वयन से देश के एमएसएमई क्षेत्र को तेजी से विकास करने, नए रोजगार पैदा करने, उत्पादन एवं निर्यात बढ़ाने और वैश्विक बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि मजबूत एमएसएमई क्षेत्र भारत को विकसित अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
डॉ. के. एल. जैन ने भारत सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए किए गए ये सुधार देश के करोड़ों उद्यमियों के लिए सकारात्मक संदेश हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान चैंबर इस ऐतिहासिक संशोधन का स्वागत करता है और आशा करता है कि इसके प्रावधानों का प्रभावी एवं शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
जयपुर, राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (RCCI) ने संसद द्वारा पारित सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) अधिनियम, 2026 का स्वागत करते हुए इसे देश के एमएसएमई क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम बताया है।
राजस्थान चैंबर के अध्यक्ष डॉ. के. एल. जैन ने कहा कि एमएसएमई भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और देश में रोजगार सृजन, उत्पादन, निर्यात तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में एमएसएमईडी अधिनियम में किए गए नवीन संशोधन इस क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान करेंगे और देश में एमएसएमई के विस्तार एवं विकास का मार्ग प्रशस्त करेंगे।डॉ. जैन ने कहा कि संशोधन में विलंबित भुगतान के मामलों के त्वरित निपटारे, ऑनलाइन विवाद समाधान, एमएसई फैसिलिटेशन काउंसिल को मजबूत करने, बकाया राशि की वसूली को प्रभावी बनाने तथा टीआरईडीएस के माध्यम से भुगतान को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। इन प्रावधानों से विशेष रूप से छोटे उद्यमों की कार्यशील पूंजी और नकदी प्रवाह की समस्या कम होगी तथा उन्हें समय पर भुगतान प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सभी केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा एमएसएमई से खरीदी गई वस्तुओं एवं सेवाओं के चालानों के निपटान के लिए टीआरईडीएस प्लेटफॉर्म के उपयोग का प्रावधान एमएसएमई के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होगी तथा छोटे उद्यमों को अपने कारोबार के विस्तार के लिए आवश्यक वित्तीय तरलता उपलब्ध हो सकेगी।
डॉ. जैन ने यह भी कहा कि अधिनियम में अपराधीकरण समाप्त करने तथा क्रमिक नागरिक दंड की व्यवस्था किया जाना कारोबार करने में आसानी की दिशा में सकारात्मक कदम है। इससे एमएसएमई उद्यमियों में विश्वास बढ़ेगा और एक सरल, पारदर्शी एवं विश्वास-आधारित कारोबारी वातावरण विकसित होगा।
उन्होंने कहा कि एमएसएमई के लिए उद्यम पोर्टल को स्थायी डिजिटल एवं निःशुल्क पंजीकरण मंच के रूप में मान्यता, एमएसईएफसी की संख्या बढ़ाने की सुविधा तथा विवादों के निपटारे के लिए निर्धारित समय-सीमा जैसे प्रावधान एमएसएमई क्षेत्र को अधिक औपचारिक, प्रतिस्पर्धी और सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
डॉ. जैन ने यह भी कहा कि अधिनियम में अपराधीकरण समाप्त करने तथा क्रमिक नागरिक दंड की व्यवस्था किया जाना कारोबार करने में आसानी की दिशा में सकारात्मक कदम है। इससे एमएसएमई उद्यमियों में विश्वास बढ़ेगा और एक सरल, पारदर्शी एवं विश्वास-आधारित कारोबारी वातावरण विकसित होगा।
उन्होंने कहा कि एमएसएमई के लिए उद्यम पोर्टल को स्थायी डिजिटल एवं निःशुल्क पंजीकरण मंच के रूप में मान्यता, एमएसईएफसी की संख्या बढ़ाने की सुविधा तथा विवादों के निपटारे के लिए निर्धारित समय-सीमा जैसे प्रावधान एमएसएमई क्षेत्र को अधिक औपचारिक, प्रतिस्पर्धी और सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
राजस्थान चैंबर के अध्यक्ष ने विश्वास व्यक्त किया कि इन संशोधनों के प्रभावी क्रियान्वयन से देश के एमएसएमई क्षेत्र को तेजी से विकास करने, नए रोजगार पैदा करने, उत्पादन एवं निर्यात बढ़ाने और वैश्विक बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि मजबूत एमएसएमई क्षेत्र भारत को विकसित अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
डॉ. के. एल. जैन ने भारत सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए किए गए ये सुधार देश के करोड़ों उद्यमियों के लिए सकारात्मक संदेश हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान चैंबर इस ऐतिहासिक संशोधन का स्वागत करता है और आशा करता है कि इसके प्रावधानों का प्रभावी एवं शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
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