21 से 25 अगस्त तक ब्रह्माकुमारीज़ देशभर में चलाएगी रक्तदान अभियान
आबूरोड। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के समाजसेवा प्रभाग द्वारा देशभर में 21 अगस्त से 25 अगस्त तक विशाल रक्तदान महाअभियान चलाया जाएगा। पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि के 19वें पुण्य स्मृति दिवस (25 अगस्त, विश्व बंधुत्व दिवस) के उपलक्ष्य में आयोजित इस महाअभियान में भारत सहित नेपाल में एक लाख यूनिट रक्त एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत संस्थान के देशभर में स्थित छह हजार से अधिक सेवा केंद्रों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यालय शांतिवन में हर वर्ष की तरह विशाल रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। अभियान के तहत सरकारी व निजी अस्पताल, समाजसेवी संगठन, ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्र पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। अभियान का राष्ट्रीय शुभारंभ भाजपा के अध्यक्ष नितिन नवीन ने ओआरसी गुरुग्राम में आयोजित कार्यक्रम में किया। समाजसेवा प्रभाग द्वारा वर्ष 2025 में भी भारत व नेपाल में रक्तदान अभियान चलाकर रिकॉर्ड 88,378 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया था।
समाजसेवा प्रभाग के राष्ट्रीय संयोजक बीके अवतार भाई ने बताया कि यह अभियान सामाजिक एवं शासकीय संस्थाओं, भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, जिला ब्लड बैंक, जिला सरकारी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, रोटरी इंटरनेशनल, लायंस क्लब, आईएसबीटीआई सहित अनेक सामाजिक संगठनों के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
प्रत्येक रक्तदाता का पूरा रिकार्ड मेटेंन किया जाएगा। इन रक्तदान शिविरों की मॉनिटरिंग गूगल मैप के जरिए की जाएगी। जिसमें रक्तदान का स्थान, दिनांक, रक्तदाता का नाम,समय, रक्तदाताओं की संख्या, सहयोगी संस्थाओं के नाम आदि की संपूर्ण जानकारी भरवाई जा रही है।
आज भी देश में प्रतिदिन हजारों मरीज समय पर रक्त उपलब्ध न होने के कारण कठिन परिस्थितियों का सामना करते हैं। दुर्घटनाओं, प्रसूति, थैलेसीमिया, कैंसर, बड़ी शल्य चिकित्सा तथा अनेक गंभीर बीमारियों के उपचार में रक्त की निरंतर आवश्यकता होती है। ऐसे समय में स्वैच्छिक रक्तदान केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि मानव जीवन की रक्षा का सर्वोच्च मानवीय कर्तव्य बन जाता है।
प्रत्येक रक्तदाता का पूरा रिकार्ड मेटेंन किया जाएगा। इन रक्तदान शिविरों की मॉनिटरिंग गूगल मैप के जरिए की जाएगी। जिसमें रक्तदान का स्थान, दिनांक, रक्तदाता का नाम,समय, रक्तदाताओं की संख्या, सहयोगी संस्थाओं के नाम आदि की संपूर्ण जानकारी भरवाई जा रही है।
आज भी देश में प्रतिदिन हजारों मरीज समय पर रक्त उपलब्ध न होने के कारण कठिन परिस्थितियों का सामना करते हैं। दुर्घटनाओं, प्रसूति, थैलेसीमिया, कैंसर, बड़ी शल्य चिकित्सा तथा अनेक गंभीर बीमारियों के उपचार में रक्त की निरंतर आवश्यकता होती है। ऐसे समय में स्वैच्छिक रक्तदान केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि मानव जीवन की रक्षा का सर्वोच्च मानवीय कर्तव्य बन जाता है।
ब्रह्माकुमारीज़ का यह अभियान जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र और विचारधारा से ऊपर उठकर सम्पूर्ण मानव समाज को एक विश्व परिवार मानने के आध्यात्मिक दृष्टिकोण पर आधारित है। बता दें कि दादीजी ने जीवनभर विश्व शांति, विश्व बंधुत्व, प्रेम, करुणा और निःस्वार्थ सेवा का संदेश दिया। मानव जीवन की रक्षा हेतु रक्तदान जैसा सेवा कार्य उनके आदर्शों को सच्ची श्रद्धांजलि है।
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