मोटोरोला आकाशवाणी ने समाज की भलाई के लिए AI को बढ़ावा दिया

० आशा पटेल ० 
चंडीगढ़, मोबाइल टेक्नोलॉजी और नवाचार में ग्लोबल लीडर, मोटोरोला ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मोटोरोला की इंडिया मार्केटिंग हेड इप्शिता चौधरी, मोटोरोला की इंडिया सीएसआर स्पेशलिस्ट पौलमी डे और अन्य व्यक्तियों की उपस्थिति में हरियाणा सरकार को मोटोरोला आकाशवाणी कार्यक्रम का समापन प्रमाण पत्र सौंपा।

मोटोरोला मोबिलिटी, टार्क फाउंडेशन, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रोपड़ और ANNAM.AI द्वारा संयुक्त रूप से इस कार्यक्रम ने हरियाणा के कुरुक्षेत्र और यमुनानगर के गांवों में 35 ऑटोमेटेड वेदर स्टेशनों (एडब्लूएस) की स्थापना को पूरा कर लिया है। इससे लगभग 17,000 किसानों के लिए एआई-संचालित हाइपरलोकल यानी बेहद स्थानीय मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध हुई है और 87,000 ग्रामीण निवासियों को लाभ पहुँचा है।

यह पहल वास्तविक समय में मौसम के पूर्वानुमान, पूर्व चेतावनी अलर्ट और कार्रवाई योग्य सलाह उत्पन्न करने के लिए वर्षा, तापमान, आर्द्रता, हवा की गति, हवा की दिशा और वायुमंडलीय दबाव सहित हाइपर लोकल मौसम मापदंडों को एकत्र और विश्लेषित करती है। एआई-संचालित ये जानकारियां किसानों को बुवाई, सिंचाई, फसल सुरक्षा और कटाई पर सूचित निर्णय लेने में सक्षम बनाती हैं, साथ ही खराब मौसम की घटनाओं के लिए तैयारियों को मजबूत करती हैं।

 यह कार्यक्रम व्हाट्सएप-आधारित अलर्ट, पंचायत के नेतृत्व में सूचना प्रसार और क्षमता निर्माण पहलों के माध्यम से सामुदायिक लचीलेपन को भी बढ़ावा देता है, जो किसानों और स्थानीय हितधारकों को मौसम की जानकारी को प्रभावी ढंग से समझने और उसका उपयोग करने में मदद करते हैं।

इसके अलावा, इससे मौसम से जुड़े बिल्कुल सही आँकड़े मिलते हैं। ये आँकड़े मौसम के खतरों से बचने की योजना बनाने और फसल नुकसान के बाद बीमा का पैसा पाने में मदद करते हैं। मौसम बताने वाले इन उपकरणों और सलाह देने वाले सिस्टम को लगातार जाँच, मरम्मत और तकनीकी मदद दी जाती है, ताकि ये लंबे समय तक बिना किसी खराबी के सही काम करते रहें। आजकल बदलते मौसम की वजह से खेती पर काफी असर पड़ रहा है, खासकर हरियाणा जैसे राज्य में जहाँ खेती बहुत ज़्यादा होती है। ऐसे में किसानों को सही समय पर उनके इलाके के मौसम की सटीक जानकारी मिलना बहुत ज़रूरी हो गया है।

परियोजना वाले गांवों में मोटोरोला द्वारा किए गए एक बेसलाइन असेसमेंट में पाया गया कि 82 % किसानों ने जलवायु संबंधी महत्वपूर्ण फसल नुकसान का सामना किया था, जबकि केवल 21% किसान खेती के निर्णयों में मदद के लिए मौसम के पूर्वानुमानों का उपयोग कर रहे थे। इस कार्यक्रम को समय पर स्थानीयकृत और कार्रवाई योग्य गांव-स्तरीय मौसम की जानकारी प्रदान करके इस सूचना अंतर को पाटने के लिए तैयार किया गया था।

इस प्रयास की खासियत है एआई को सभी तक पहुँचाने की मोटोरोला की प्रतिबद्धता। इसके लिए वे भाषा- आधारित तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं, जो मौसम के जटिल आंकड़ों को सरल और स्थानीय भाषा में बदल देती हैं, ताकि किसान उन्हें आसानी से समझकर कदम उठा सकें। तकनीक के फायदे अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाकर, मोटोरोला समाज की भलाई के लिए काम कर रहा है, जिससे समुदायों को सशक्त बनाने, जलवायु चुनौतियों से निपटने और आजीविका सुधारने में मदद मिल रही है।

 हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा तकनीक हमारे किसानों को सही समय पर सही निर्णय लेने और बदलते मौसम का सामना करने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। मोटोरोला आकाशवाणी कार्यक्रम एक सराहनीय पहल है, जिसने हरियाणा के किसानों तक मौसम की सटीक और स्थानीय जानकारी पहुंचाई है।

मोटोरोला इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर, टी एम नरसिम्हन ने कहा मोटोरोला में हमारा मानना है कि तकनीक का असली फायदा तभी मिलता है जब वह लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए। हरियाणा में इस कार्यक्रम का सफल समापन दिखाता है कि कैसे एआई का इस्तेमाल समाज के भले के लिए किया जा सकता है। यह मौसम की जानकारी को आसान सलाह में बदलकर किसानों को सही फैसले लेने, मौसम के नुकसान से बचने और अपनी आजीविका बचाने में मदद करता है।

 हरियाणा सरकार को यह कार्यक्रम सौंपने और इसे उत्तर प्रदेश के गांवों में शुरू करने के साथ ही, हम एआई को हर व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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