युवाओं को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नौकरियों के अवसरों की पहल
० इरफ़ान राही ०
नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर,द्वारका क्षेत्र में युवाओं को शिक्षा, रोज़गार और बेहतर भविष्य के अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से शैक्षिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने युवाओं को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नौकरियों की तैयारी के साथ सामाजिक और राजनीतिक रूप से जागरूक होने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तम नगर मस्जिद एवं कब्रिस्तान कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद ख़ालिद ने की, जबकि सेवानिवृत्त मेजर जनरल जावेद इकबाल मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम के संयोजक इंजीनियर रेहान अरबी और डॉ. शान-ए-आलम ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन कवि एवं पत्रकार इरफ़ान राही सैदपुरी सैफ़ी ने किया। प्रोग्राम का आग़ाज़ कुरआन मजीद की तिलावत से हुआ जो कि मोहम्मद आतिफ़, अब्दुल अहद और शादाब सैफ़ी के ज़रिए पढ़ी गईं।मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त मेजर जनरल जावेद इक़बाल ने कहा कि समाज को अपनी दुआओं का अंदाज बदलने की ज़रूरत है। देश की तरक्की और सुरक्षा के साथ बच्चों की उच्च शिक्षा, सफलता और विकास को भी दुआओं में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को बेहतर अवसर और सही मार्गदर्शन देना समाज की सामूहिक ज़िम्मेदारी है। पूर्व राज्यसभा सांसद मोहम्मद अदीब ने फोन के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आयोजकों को शैक्षिक जागरूकता कार्यक्रम के आयोजन पर बधाई दी। उन्होंने अपनी अनुपस्थिति पर खेद व्यक्त किया और उपस्थित लोगों से दुआओं की अपील की। जिला नजफगढ़ कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष सैयद कमरुद्दीन ने युवाओं से शिक्षा के साथ राजनीतिक रूप से भी जागरूक और मजबूत होने का आह्वान किया। उन्होंने क्षेत्र के लोगों को राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने तथा स्थानीय स्तर पर प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करने की बात कही।कांग्रेस प्रवक्ता रफ़ी अता ने कहा कि दिल्ली की बड़ी सामाजिक एवं अन्य संस्थाओं को पश्चिमी दिल्ली की ओर भी अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए, ताकि क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को व्यापक स्तर पर उठाया जा सके। जमीयत उलेमा-ए-हिंद दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के अध्यक्ष मौलाना जमील कासमी ने कहा कि मस्जिदों को केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित न रखकर समाज की शिक्षा और कल्याण से भी जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा आज भी मस्जिदों के माध्यम से शिक्षा, जागरूकता और समाजसेवा को बढ़ावा दिया जा सकता है।
सामाजिक कार्यकर्ता इरफ़ान राही ने पश्चिमी दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों, सामाजिक संगठनों और समुदायों को एक साझा मंच पर लाने के लिए फेडरेशन गठित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि एकजुट होकर क्षेत्र की शिक्षा, मूलभूत सुविधाओं, सामाजिक समस्याओं और लोगों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया जा सकता है। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के विद्यार्थियों और शिक्षित युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरियों, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के अवसरों की जानकारी देना तथा आवेदन और तैयारी में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है।मुख्य वक्ताओं में मौलाना याह्या अरसलानी, पत्रकार अंजारुल बारी, अहमद मुमशाद अली नदवी, इंजीनियर मुसर्रत अज़ीम, इंजीनियर शेख अब्दुल्लाह, हाजी सैयद मेहताब, हाफिज मोहम्मद सलीम, अय्यूब खान सैफ़ी, एडवोकेट जावेद चौधरी, मुफ्ती मोहम्मद ताज़ीम ने भी अपनी बात रखी। इस अवसर पर स्मुफ्ती अब्दुस्समी, मौलाना मोहम्मद अंसारुल हक, भूरा कुरैशी, शफीक कुरैशी, प्रधान रियाज अंसारी और मक्की मस्जिद के इमाम हाफिज रईस, पत्रकार आरिफ़ जमाल सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में क्षेत्र की विभिन्न मस्जिदों के इमाम एवं खतीब, डॉक्टर, शिक्षक, प्रोफेसर, सामाजिक एवं शैक्षिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं को केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं, सरकारी नौकरियों, उच्च शिक्षा और रोजगार के बदलते अवसरों की सही एवं समयबद्ध जानकारी देना जरूरी है। इससे युवा अपनी प्रतिभा और क्षमता का बेहतर उपयोग कर सकेंगे।
कार्यक्रम के अंत में चांदनी मस्जिद के मौलाना नईम बिलाल ने दुआ कराई। उन्होंने देश, समाज, युवाओं और क्षेत्र की खुशहाली एवं तरक्की के लिए दुआ की। कार्यक्रम के अध्यक्ष मोहम्मद खालिद ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में क्षेत्र की विभिन्न मस्जिदों के इमाम एवं खतीब, डॉक्टर, शिक्षक, प्रोफेसर, सामाजिक एवं शैक्षिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं को केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं, सरकारी नौकरियों, उच्च शिक्षा और रोजगार के बदलते अवसरों की सही एवं समयबद्ध जानकारी देना जरूरी है। इससे युवा अपनी प्रतिभा और क्षमता का बेहतर उपयोग कर सकेंगे।
कार्यक्रम के अंत में चांदनी मस्जिद के मौलाना नईम बिलाल ने दुआ कराई। उन्होंने देश, समाज, युवाओं और क्षेत्र की खुशहाली एवं तरक्की के लिए दुआ की। कार्यक्रम के अध्यक्ष मोहम्मद खालिद ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
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