चंद्रशेखर जन्म शताब्दी : लोकतंत्र बचाने के लिए चंद्रशेखर ने सत्ता की जगह जेल को चुना
बस्ती। चंद्रशेखर जन्म शताब्दी समारोह समिति द्वारा बस्ती में पूर्व विधायक राजमणि पांडेय की अध्यक्षता में कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम को सपा के बस्ती सांसद रामप्रसाद चौधरी,समाजवादी समागम के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर राजकुमार जैन,चंद्रशेखर जन्म शताब्दी समारोह समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण श्रीवास्तव, लेखक और समाजवादी चिंतक प्रो अरुण त्रिपाठी, डॉ सुनीलम, विधायक महेंद्र यादव, वरिष्ठ पत्रकार डॉ राकेश पाठक, बद्रे आलम, सगीर ख़ाकसार ने संबोधित किया। संचालन डॉ हरिओम श्रीवास्तव ने किया।
डॉ सुनीलम ने कहा कि उत्तर प्रदेश ही देश में लोकतंत्र और संविधान बचा सकता है। हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार और बंगाल के प्रयास असफल सिद्ध हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह बस्ती ने तीन सांसद भेजकर चंद्रशेखर को प्रधानमंत्री बनाया था, उसी तरह उत्तर प्रदेश और बस्ती की जनता अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाएगी।
कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के आठ बार विधायक रहे उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी को श्रद्धांजलि दी गई। सभी वक्ताओं ने कहा कि चंद्रशेखर जी ने इंदिरा गांधी की तानाशाही को चुनौती दी, सत्तारूढ़ दल को छोड़कर समाजवादी लोकनायक जयप्रकाश नारायण का साथ दिया। वे चाहते तो इंदिरा गांधी के मंत्रिमंडल में जगह पा सकते थे। लेकिन उन्होंने मंत्री बनने की बजाय 19 महीने लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल जाना पसंद किया।
वक्ताओं ने कहा कि चंद्रशेखर जमीनी नेता थे तथा कार्यकर्ताओं के लिए सदा उपलब्ध रहते थे। जरूरत पड़ने पर कार्यकर्ताओं की आर्थिक मदद भी किया करते थे। कांग्रेस पार्टी ने जब झूठे आरोप लगाकर चंद्रशेखर को संसद में अपमानित करने का प्रयास किया तब उन्होंने अपमान झेलने की बजाय प्रधानमंत्री पद छोड़ दिया। आजकल ऐसे नेता नहीं हैं, जो सत्ता की बजाय जेल का रास्ता चुने।
डॉ सुनीलम ने कहा कि यह गजब का संयोग है कि बस्ती में हम आठ बार के सांसद रहे बलिया के चंद्रशेखर का जन्म शताब्दी समारोह कर रहे हैं, उसी वक्त चंद्रशेखर जी के प्रिय साथी आठ बार विधायक रहे रामगोविंद चौधरी जी की अंत्येष्टि हो रही है। डॉ सुनीलम ने कहा कि चंद्रशेखर और रामगोविंद दोनों ने अपने जीवन काल में समाजवादी आंदोलन को मजबूती देने का काम किया तथा लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद और बंधुत्व पर कभी समझौता नहीं किया।
डॉ सुनीलम ने कहा कि रामगोविंद चौधरी जब अस्पताल में भर्ती थे और जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उनसे मिलने गए तब उन्होंने बार-बार कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनाएंगे और आपको फिर से मुख्यमंत्री बनाएंगे। डॉ सुनीलम ने कहा कि चंद्रशेखर ने
1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिखों पर हुए संगठित हमले को रोकने के लिए जान जोखिम में डालकर शांति स्थापित की। यही काम गांधी जी के साथ मिलकर डॉ राममनोहर लोहिया ने नोआखली में हिंदू-मुसलमान के बीच हो रहे दंगों को रोकने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर किया था।
डॉ सुनीलम ने कहा कि उस समय भी इंदिरा गांधी की तानाशाही को युवा तुर्कों ने चंद्रशेखर के नेतृत्व में चुनौती दी थी, आज मोदी और अमित शाह की तानाशाही को पूरी जेन -जी, जेन-अल्फा के साथ मिलकर चुनौती देने का काम कर रही है। डॉ सुनीलम ने उपस्थित जन समुदाय से अपील की कि वे आगामी विधानसभा चुनाव में योगी-मोदी के कॉरपोरेट सांप्रदायिक बुलडोजर पर रोक लगाने के लिए समाजवादी पार्टी की जीत सुनिश्चित करें।
डॉ सुनीलम ने कहा कि उत्तर प्रदेश ही देश में लोकतंत्र और संविधान बचा सकता है। हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार और बंगाल के प्रयास असफल सिद्ध हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह बस्ती ने तीन सांसद भेजकर चंद्रशेखर को प्रधानमंत्री बनाया था, उसी तरह उत्तर प्रदेश और बस्ती की जनता अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाएगी।
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