मधु विहार के लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर : सोलंकी
० योगेश भट्ट ०
नई दिल्ली। द्वारका सेक्टर-3 स्थित मधु विहार के सभी सातों ब्लॉकों में सीवर के गंदे पानी के रिसाव और ओवरफ्लो की समस्या से स्थानीय निवासियों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। कई स्थानों पर सीवर का पानी सड़कों और घरों तक पहुंच रहा है, जिसके कारण लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जल बोर्ड द्वारा स्थापित सीवर व्यवस्था में तकनीकी खामियों और उचित रखरखाव के अभाव के कारण आए दिन सीवर ओवरफ्लो की स्थिति बनी रहती है। कई घरों के बाथरूम और अन्य हिस्सों में आज भी सीवर का गंदा पानी जमा है, जिससे लोगों के लिए सामान्य जीवन जीना मुश्किल हो गया है तथा स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी बढ़ रही हैं। राष्ट्रीय युवा चेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फेडरेशन ऑफ साउथ एंड वेस्ट डिस्ट्रिक्ट वेलफेयर फोरम के चेयरमैन रणबीर सिंह सोलंकी ने कहा कि मधु विहार में सीवर की समस्या को लेकर पिछले कई वर्षों से संबंधित अधिकारियों के समक्ष लगातार शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है।
सोलंकी ने बताया कि बी-ब्लॉक की स्थिति विशेष रूप से गंभीर है। आरडब्ल्यूए के प्रधान द्वारा बी-67 और बी-68 का मौके पर निरीक्षण किए जाने पर वहां की वास्तविक स्थिति सामने आई, जहां सीवर के गंदे पानी और जलभराव के कारण स्थानीय निवासियों को अत्यंत कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सीवर समस्या के स्थायी समाधान के लिए जल बोर्ड द्वारा प्रस्तावित डीप सीवर सिस्टम का कार्य भी लंबे समय से अधर में लटका हुआ है। इसके चलते समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है और स्थानीय लोगों में रोष बढ़ रहा है।
सोलंकी ने दिल्ली जल बोर्ड के संबंधित कार्यकारी अधिकारी एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री से मांग की है कि मधु विहार की सीवर व्यवस्था का तत्काल तकनीकी निरीक्षण एवं जांच कराकर खामियों को दूर किया जाए तथा डीप सीवर सिस्टम का कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को सीवर के गंदे पानी और जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।
नई दिल्ली। द्वारका सेक्टर-3 स्थित मधु विहार के सभी सातों ब्लॉकों में सीवर के गंदे पानी के रिसाव और ओवरफ्लो की समस्या से स्थानीय निवासियों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। कई स्थानों पर सीवर का पानी सड़कों और घरों तक पहुंच रहा है, जिसके कारण लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जल बोर्ड द्वारा स्थापित सीवर व्यवस्था में तकनीकी खामियों और उचित रखरखाव के अभाव के कारण आए दिन सीवर ओवरफ्लो की स्थिति बनी रहती है। कई घरों के बाथरूम और अन्य हिस्सों में आज भी सीवर का गंदा पानी जमा है, जिससे लोगों के लिए सामान्य जीवन जीना मुश्किल हो गया है तथा स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी बढ़ रही हैं। राष्ट्रीय युवा चेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फेडरेशन ऑफ साउथ एंड वेस्ट डिस्ट्रिक्ट वेलफेयर फोरम के चेयरमैन रणबीर सिंह सोलंकी ने कहा कि मधु विहार में सीवर की समस्या को लेकर पिछले कई वर्षों से संबंधित अधिकारियों के समक्ष लगातार शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है।
सोलंकी ने बताया कि बी-ब्लॉक की स्थिति विशेष रूप से गंभीर है। आरडब्ल्यूए के प्रधान द्वारा बी-67 और बी-68 का मौके पर निरीक्षण किए जाने पर वहां की वास्तविक स्थिति सामने आई, जहां सीवर के गंदे पानी और जलभराव के कारण स्थानीय निवासियों को अत्यंत कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सीवर समस्या के स्थायी समाधान के लिए जल बोर्ड द्वारा प्रस्तावित डीप सीवर सिस्टम का कार्य भी लंबे समय से अधर में लटका हुआ है। इसके चलते समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है और स्थानीय लोगों में रोष बढ़ रहा है।
सोलंकी ने दिल्ली जल बोर्ड के संबंधित कार्यकारी अधिकारी एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री से मांग की है कि मधु विहार की सीवर व्यवस्था का तत्काल तकनीकी निरीक्षण एवं जांच कराकर खामियों को दूर किया जाए तथा डीप सीवर सिस्टम का कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को सीवर के गंदे पानी और जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।
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