‘इग्नाइट द अनसीन’ थीम के साथ टेडएक्स आईआईएचएमआर यू का फोर्थ एडिशन 21 अगस्त को
जयपुर । आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी, जयपुर में 21 अगस्त को टेडएक्स आईआईएचएमआर यू (TEDxIIHMR U) के फोर्थ एडिशन का आयोजन किया जाएगा। इस साल कार्यक्रम की थीम “इग्नाइट द अनसीन” है। कार्यक्रम में ऐसे विचारों, अनुभवों और प्रयासों पर चर्चा होगी, जो आमतौर पर व्यापक सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा नहीं बन पाते, लेकिन समाज में बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े स्पीकर अपने अनुभव और विचार साझा करेंगे। इनमें डॉ. मल्लिका साराभाई, पद्म भूषण सम्मानित और दर्पणा अकादमी की निदेशक; डॉ. शिबू विजयन, क्योर.एआई में वैश्विक स्वास्थ्य के मुख्य चिकित्सा अधिकारी; ओम प्रकाश गुर्जर, पाठशाला ट्रस्ट के संस्थापक; गौरी यादवदकर, संगीतकार और संगीतशास्त्री; आर. उदयन लाहिरी, उद्यमी, वन्यजीव संरक्षणकर्ता तथा प्रतीक माधव, एटीएफ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं को-फाउंडर शामिल हैं।कार्यक्रम में अभिषेक मुडगल और उनकी टीम की प्रस्तुति भी होगी। मुडगल नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में स्टेज मैनेजर हैं और रंग मस्ताने के फाउंडर हैं। यामिनी अग्रवाल और डॉ. पी.आर. सोडानी ने बताया “जिन कहानियों और प्रयासों पर अक्सर ध्यान नहीं जाता, उनमें कई महत्वपूर्ण पहलू छिपे होते हैं। टेडएक्स आईआईएचएमआर यू (TEDxIIHMR U) के माध्यम से ऐसे विचारों और व्यक्तियों को सामने लाने का प्रयास है, जिन पर संवाद की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े स्पीकर अपने अनुभव और विचार साझा करेंगे। इनमें डॉ. मल्लिका साराभाई, पद्म भूषण सम्मानित और दर्पणा अकादमी की निदेशक; डॉ. शिबू विजयन, क्योर.एआई में वैश्विक स्वास्थ्य के मुख्य चिकित्सा अधिकारी; ओम प्रकाश गुर्जर, पाठशाला ट्रस्ट के संस्थापक; गौरी यादवदकर, संगीतकार और संगीतशास्त्री; आर. उदयन लाहिरी, उद्यमी, वन्यजीव संरक्षणकर्ता तथा प्रतीक माधव, एटीएफ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं को-फाउंडर शामिल हैं।कार्यक्रम में अभिषेक मुडगल और उनकी टीम की प्रस्तुति भी होगी। मुडगल नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में स्टेज मैनेजर हैं और रंग मस्ताने के फाउंडर हैं। यामिनी अग्रवाल और डॉ. पी.आर. सोडानी ने बताया “जिन कहानियों और प्रयासों पर अक्सर ध्यान नहीं जाता, उनमें कई महत्वपूर्ण पहलू छिपे होते हैं। टेडएक्स आईआईएचएमआर यू (TEDxIIHMR U) के माध्यम से ऐसे विचारों और व्यक्तियों को सामने लाने का प्रयास है, जिन पर संवाद की आवश्यकता है।

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