सरकार गांधी के रचनात्मक कार्यों पर आधारित कुटीर उद्योगों को दे बढावा
जयपुर l युग पुरुष महात्मा गांधी की 157 वीं जयंती के अवसर पर गांधी विनोबा ज्ञान मंदिर पहुंचकर रैली एक संगोष्ठी में परिवर्तित हुई। संगोष्ठी में वक्ताओं ने राष्ट्र निर्माण में असल भूमिका निभाने हेतु राष्ट्रपिता के सिद्धान्तों के प्रतिपादन के महत्व पर प्रकाश डाला।
समग्र सेवा संघ के अध्यक्ष सवाई सिंह ने बापू के आर्थिक विकेन्द्रीकरण के स्थान पर वर्तमान सरकार केन्द्रीकृत व्यवस्था अपनाये जाने से उत्पन्न समस्याओं यथा बेरोजगारी, मंहगाई व भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार से गांधी के रचनात्मक कार्यों पर आधारित कुटीर उद्योगों को बढावा देने की अपेक्षा की।
संगोष्ठी में मृदृला सामवेदी, राजेन्द्र कुम्भज, आर.सी. शर्मा सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं ने वर्तमान परिस्थितियों में गांधी विचारों को अपनाने की प्रासंगिता पर बल दिया। रैली में जमाते इस्लामी के अध्यक्ष नाजिमुद्दीन, नेहरू युवा केन्द्र के पूर्व निदेशक के भुवनेश जैन,
सर्वोदय नेता धर्मवीर कटेवा, श्यामसुन्दर जोशी , सामाजिक कार्यकर्त्ता और अन्य प्रमुख लोगों ने भी चर्चा में भाग लिया। संगोष्ठी में विनोबा ज्ञान मंन्दिर के अध्यक्ष डॉ अवध प्रसाद, गोपाल शरण व रामलाल जाट आदि समेत बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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