पं.वेद प्रकाश दाधीच को मिला ‘बंकट बिहारी ‘पागल’-कल्पना स्मृति सम्मान’

० आशा पटेल ० 
जयपुर। कहते हैं, कवि कभी विदा नहीं होते, वे शब्दों में जिंदा रहते हैं। कुछ ऐसा ही अहसास हुआ जब राजस्थान चैंबर भवन का भैरोंसिंह सभागार कविताओं की रोशनी से झिलमिला उठा। मौका था स्वर्गीय बंकट बिहारी ‘पागल’ की नवम पुण्यतिथि का और वीणा माँ म्यूजिक ने इसे ‘झिलमिल कवि सम्मेलन’ के रूप में एक श्रद्धांजलि में बदल दिया।
समारोह में राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष डॉ. के. एल. जैन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। ‘चोखी ढाणी’ के एथनिक डिजाइनर और राजस्थान वि वि के पूर्व डीन प्रो डॉ. चिन्मय शेष मेहता विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच की शोभा बढ़ा रहे थे। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुम्बई से कार्यक्रम को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संतोष चारण ने किया।
सम्मेलन में साहित्य और काव्य के क्षेत्र में निरंतर साधना के लिए वरिष्ठ कवि पं. वेद प्रकाश दाधीच को ‘बंकट बिहारी ‘पागल’ – कल्पना स्मृति सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि स्वर्गीय बंकट बिहारी और उनकी धर्मपत्नी स्वर्गीय कल्पना के अटूट प्रेम और साहित्यिक विरासत को किया गया नमन ।
जयपुर के 30 से अधिक कवियों प्रज्ञा श्रीवास्तव, रजनी श्री बेदी, भानु भारद्वाज, विनय कुमार, सुरेखा मित्तल, गोपाल सिंह राघव, अर्चना भटनागर, मुकेश सक्सेना, कासिम बीकानेरी, पी.के. मस्त और पं. वेद प्रकाश दाधीच सहित कवि और कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से ‘कवि पागल’ की साहित्यिक यात्रा को जीवंत कर दिया।

इस आयोजन के पीछे वीणा माँ म्यूजिक की संस्थापक प्रशंसा श्रीवास्तव, निदेशक रितेश श्रीवास्तव और उनकी पूरी टीम की महीनों की मेहनत और दिल से किया गया प्रयास रहा, जिसके लिए संस्था ने सभी का हृदय से आभार व्यक्त किया।

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