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अक्टूबर 13, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

दिल्ली में सड़कों पर धूल कम करने और उनकी सफाई के लिए MCD के सभी 12 जोन की समीक्षा

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BY : ARIF JAMAL,CORRESPONDENT,NEW DELHI. नयी दिल्ली : दिल्ली में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने हेतु धूल कम करने के उपायों को मजबूत करने और सड़कों की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयासों के तहत, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने सीएक्यूएम के अध्यक्ष राजेश वर्मा की अध्यक्षता में एक सुनवाई बैठक की। इस बैठक में दिल्ली नगर निगम के सभी 12 जोन द्वारा की गई कार्रवाई और तैयारियों की समीक्षा की गई।  इस समीक्षा का मुख्य फोकस सड़कों, सड़क के किनारों, मीडियन, फुटपाथ और अन्य खुली जगहों से जमा हुई धूल, कचरे और निर्माण व तोड़-फोड़ (सी एंड डी) से निकले मलबे को हटाने पर था लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के देखरेख वाले और एमसीडी द्वारा साफ किए जाने वाले सड़क के हिस्सों पर काफी धूल तथा निर्माण व तोड़-फोड़ से निकला मलबा जमा पाया गया था। इससे पता चलता है कि जमीनी स्तर पर धूल को कम करने तथा सफाई के उपायों को और मजबूत करने की जरूरत है।  एमसीडी के आयुक्त और एमसीडी के 12 जोन के उपायुक्तों (डीसी) को उन कमियों को दूर करने के लिए की ग...

प्रभात पोस्ट के 12वें वार्षिक समारोह में इंडियन ऑइकानिक अवार्ड प्रदान

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० आशा पटेल ०  जयपुर | जयपुर से प्रकाशित प्रभात पोस्ट साप्ताहिक समाचार पत्र के 12 वें वार्षिक समारोह एवं इंडियन ऑइकानिक अवार्ड समारोह कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। समारोह का उद्घाटन कांग्रेस विधायक एवं मुख्य उप सचेतक रफीक खान ने किया और मुख्य अतिथि डॉ. मंजू बाघमार,महिला एवं बाल विकास मंत्री, राजस्थान सरकार,अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार नंद भारद्वाज, पूर्व निदेशक, दूरदर्शन केन्द्र जयपुर ने की। मंच पर जिनमे जे पी मीणा पूर्व आईएएस, महाराजा कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो सरीना कालिया,समाजसेवी सिस्टर केरल गीता,कार्यकम की संयोजक नमिता सोलंकी और स्वयं सम्पादक राजकुमार मल्होत्रा ने इस अवसर पर प्रभात पोस्ट के वार्षिक विशेषांक का विमोचन किया |  इस समारोह में महाराष्ट्र, गुजरात, उड़िसा, झारखंड, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान, चंडीगढ़ और लद्दाख समेत 11 राज्यों के व्यक्तियों को उल्लेखनीय कार्य करने पर सम्मानित किया गया। लेखक, कवि, साहित्यकार, पत्रकार, बालीवुड अभिनेता, समेत कला, बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, सौंदर्य, इंजीन...

आभानेरी पहुंचे 80,181 पर्यटक, चांद बावड़ी की विरासत राजस्थानी लोक संस्कृति का आकर्षण

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० आशा पटेल ०  जयपुर । दौसा जिले के ऐतिहासिक गांव आभानेरी में जनवरी से जून 2026 के दौरान 44,140 घरेलू और 36,041 विदेशी पर्यटक यात्राएं दर्ज की गईं। इस अवधि में कुल 80,181 पर्यटक यात्राएं दर्ज हुईं। चांद बावड़ी और हर्षद माता मंदिर के लिए प्रसिद्ध आभानेरी में आभानेरी महोत्सव-2026 का आयोजन हुआ। राजस्थान पर्यटन विभाग एवं दौसा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में 12 और 13 अक्टूबर को आयोजित इस महोत्सव में राजस्थानी लोककलाओं, पारंपरिक हस्तशिल्प और ग्रामीण संस्कृति से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की गईं। पर्यटन विभाग के उपनिदेशक उपेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि आभानेरी महोत्सव के माध्यम से क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर, लोकसंस्कृति और ग्रामीण जीवन को पर्यटन से जोड़ा जा रहा है। महोत्सव में देशी-विदेशी पर्यटकों को राजस्थान की सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराने के साथ स्थानीय कलाकारों और पारंपरिक शिल्पकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। महोत्सव में पद दंगल, कच्छी घोड़ी नृत्य, बहरूपिया, नट कला, कठपुतली और भपंग वादन सहित विभिन्न लोककलाओं की प्रस्तुतियां आयोजित की जा रही हैं। शहनाई वादन और...

मालगुडी एथनिक वियर’ के शोरूम का हुआ उद्घाटन

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० आशा पटेल ०  जयपुर। गोपालपुरा बाइपास स्थित श्रीगोपाल नगर में मालगुडी एथनिक वियर के नए शोरूम का शुभारंभ हुआ। जयपुर ग्रेटर की पूर्व महापौर सौम्या गुर्जर ने फीता काटकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर शोरूम के ओनर महेश अग्रवाल, मनु सोमानी, दीपांशु राठी, जोया परगाई सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे। करीब 10 हजार स्क्वायर फीट में बने 4 मंजिला मालगुडी एथनिक वियर शोरूम में महिलाओं एवं पुरुषों के लिए पारंपरिक एवं आकर्षक एथनिक परिधानों की रेंज उपलब्ध कराई गई है। शोरूम में साड़ियां, लहंगे, इंडो वेस्टर्न, सूट्स, शेरवानी तथा अन्य पारंपरिक परिधानों की आकर्षक वैरायटी ग्राहकों को देखने और खरीदने के लिए मिलेगी।  यहां महिला व पुरुषों की पसंद, पारंपरिक भारतीय परिधानों की खूबसूरती और आधुनिक फैशन के मेल को ध्यान में रखते हुए कलेक्शन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया है। शोरूम के ओनर महेश अग्रवाल ने बताया कि मालगुडी एथनिक वियर का उद्देश्य महिलाओं को एक ही छत के नीचे आकर्षक डिजाइन, पारंपरिक अंदाज और विभिन्न अवसरों के अनुरूप एथनिक वियर के विकल्प उपलब्ध कराना है।

SRIJAN Foundation को मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों में योगदान के लिए राज्य स्तरीय सम्मान मिला

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० आशा पटेल ०  जयपुर। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में SRIJAN Foundation एवं इसकी Founder & President एडवोकेट इन्दु तोमर को मानसिक स्वास्थ्य माह के दौरान जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन एवं सामुदायिक सहभागिता के लिए राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया गया। फाउंडेशन ने विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, सामुदायिक समूहों एवं आर्मी कैंट क्षेत्र में विद्यार्थियों, युवाओं और आर्मी personnel के लिए मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, भावनात्मक समझ, आत्महत्या रोकथाम एवं व्यवहार संबंधी विषयों पर कार्यशालाएँ और संवादात्मक गतिविधियाँ आयोजित कीं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से 3,000 से अधिक लोगों तक पहुँच बनाई गई। समारोह में एडवोकेट इन्दु तोमर ने प्रतियोगिता में ज्यूरी सदस्य के रूप में सहभागिता की। SRIJAN Foundation की ओर से “Messages of Hope” गतिविधि भी आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने आशा, सकारात्मकता और जीवन के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण से जुड़े संदेश लिखे। फाउंडेशन की प्रोग्राम ऑफिसर सृष्टि शर्मा, वॉलंटियर आउटरीच कोऑर्डिनेटर सूर्या शे...

माहिया तेरे लिए " पुस्तक से माहिया विधा में कुछ गीत

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०  सुषमा भंडारी ०  माहिया तेरे लिए " पुस्तक से माहिया विधा में कुछ गीत प्रस्तुत हैं। माहिया - पंजाबी का शब्द है जिसका अर्थ है "मीत" अर्थात् " मित्र"। मित्र कोई भी हो सकता है - परमात्मा , पति , प्रेमी, या फिर सखी - सहेली , प्रकृति। पंजाब की मिट्टी की खुशबू ,सौंधी - सौंधी गंध लिए है। ये तीन - तीन अवलियों ( पंक्तियों) की छोटी कविताएं जीवन के राग से आप्लावित हैं , जीवनानुभूतियों से भरी हैं । ये त्रिवालियां जन - जन की भाषा बोली हैं इसलिए इनमें अपनापन झलकता है। छंद विधान के अनुसार माहिया तीन पंक्तियों का मात्रिक लयात्मक , गेयात्मक गीत ( पंजाब का टप्पा) है । प्रथम पंक्ति में 12 मात्रा,द्वितीय पंक्ति में 10 मात्रा एवं तृतीय पंक्ति में पुनः 12 मात्राओं का निर्वहन करना होता है । इसकी एक खास लय है जो अक्सर सब ने सुनी होगी । खेतों में काम करते किसान , प्रेमी जोड़े इसे गुनगुनाते हैं इसका उदाहरण कई चलचित्रों ( फिल्मों) में है। पंजाब में ब्याह - शादियों में इन गीतों को गाना आम बात है। इन्हीं गीतों सवाल, जवाब वाली शैली भी पंजाब में मशहूर है । माहिया , त्रिवालियां , गीत , अहसा...