दिल्ली में सड़कों पर धूल कम करने और उनकी सफाई के लिए MCD के सभी 12 जोन की समीक्षा

BY : ARIF JAMAL,CORRESPONDENT,NEW DELHI.
नयी दिल्ली : दिल्ली में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने हेतु धूल कम करने के उपायों को मजबूत करने और सड़कों की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयासों के तहत, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने सीएक्यूएम के अध्यक्ष राजेश वर्मा की अध्यक्षता में एक सुनवाई बैठक की। इस बैठक में दिल्ली नगर निगम के सभी 12 जोन द्वारा की गई कार्रवाई और तैयारियों की समीक्षा की गई। 
इस समीक्षा का मुख्य फोकस सड़कों, सड़क के किनारों, मीडियन, फुटपाथ और अन्य खुली जगहों से जमा हुई धूल, कचरे और निर्माण व तोड़-फोड़ (सी एंड डी) से निकले मलबे को हटाने पर था लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के देखरेख वाले और एमसीडी द्वारा साफ किए जाने वाले सड़क के हिस्सों पर काफी धूल तथा निर्माण व तोड़-फोड़ से निकला मलबा जमा पाया गया था। इससे पता चलता है कि जमीनी स्तर पर धूल को कम करने तथा सफाई के उपायों को और मजबूत करने की जरूरत है।

 एमसीडी के आयुक्त और एमसीडी के 12 जोन के उपायुक्तों (डीसी) को उन कमियों को दूर करने के लिए की गई कार्रवाई और तैयारियों के बारे में बताने के लिए बुलाया गया था। इनमें सफाई एवं झाड़ू लगाने के काम, धूल कम करने के उपाय, कार्यान्वित किए गए नियम एवं सड़क की सफाई को और बेहतर बनाने तथा सड़क से धूल उड़ने को कम करने की तैयारियों की जानकारी दी गई।

मशीनों से सड़क की सफाई, पानी के छिड़काव, सड़क की धुलाई और मुख्य सड़कों की अच्छी तरह से सफाई करने के साथ वायु प्रदूषण वाले हॉटस्पॉट की पहचान करने के निरंतर प्रयासों को रेखांकित किया गया। जमा हुई पुरानी धूल, गाद, मलबा, कचरा और निर्माण व तोड़फोड़ से निकले मलबे को हटाने और वैज्ञानिक तरीके से निपटाने के उपायों के साथ फ़ुटपाथ, सड़क के किनारे, मीडियन, कर्ब स्टोन और धूल जमा होने वाली दूसरी जगहों की सफाई के बारे में भी बताया गया।

 दिल्ली में एमसीडी के 12 जोन द्वारा धूल कम करने एवं सफाई के जारी कार्यों में मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें (एमआरएसएम), पानी के छिड़काव वाली मशीनें, पानी के टैंकर, एंटी-स्मॉग गन, जेटिंग मशीन और सफ़ाई की विशिष्ट टीमें शामिल हैं। सभी जोन ने गड्ढों एवं सड़क के खराब हिस्सों की मरम्मत, कच्ची जगहों पर पक्की सड़क बनाने, धूल वाली जगहों पर हरियाली बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों में साफ-सफाई बेहतर करने से जुड़े उपायों के बारे में भी जानकारी दी।

 सर्दियों के मौसम की तैयारियों में विशेष तौर पर गहन सफाई अभियान, हॉटस्पॉट के अनुरूप विशेष कदम, निर्धारित निर्माण एवं तोड़फोड़ से निकले मलबे के संग्रहण केंद्रों का बेहतर प्रबंधन, नियमित निरीक्षण और खुले में कचरा जलाने, कचरे के गलत निपटान और प्रदूषण फैलाने वाली दूसरी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई शामिल है। धूल उड़ाने वाली गतिविधियों से निपटने और बुनियादी ढांचे से जुड़े लंबित मुद्दों को हल करने हेतु पीडब्ल्यूडी, डीडीए, डीजेबी, रेलवे और दूसरी एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया।

इस समीक्षा में बाहरी उत्तरी जोन (नरेला), सिटी एसपी जोन (पुरानी दिल्ली), सिविल लाइन जोन (उत्तरी), रोहिणी जोन (उत्तर पश्चिमी), मध्य उत्तरी जोन (केशवपुरम), मध्य जोन (करोल बाग), दक्षिणी जोन, मध्य जोन (दक्षिणी पूर्वी), नजफगढ़ जोन (दक्षिण पश्चिमी), पश्चिमी जोन, शाहदरा दक्षिणी जोन (पूर्वी) और शाहदरा उत्तरी जोन (उत्तर पूर्वी) शामिल थे।

आयोग ने सड़कों की बेहतर सफाई और सड़कों पर धूल में निरंतर कमी लाने हेतु बताए गए उपायों को कारगर ढंग से कार्यान्वित करने पर जोर दिया। साथ ही, यह भी कहा गया कि धूल कम करने के निर्धारित उपायों को कार्यान्वित करने में लगातार कमी या लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा और नियमों का पालन न करने पर जिम्मेदार एजेंसियों या अधिकारियों के खिलाफ मुक़दमा चलाने समेत उचित कार्रवाई की जा सकती है।

एमसीडी के उपायुक्तों को निर्देश दिया गया कि वे तैनात मशीनरी और सफाई कर्मचारियों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करें और काम की मात्रा व वास्तविक जरूरतों के अनुरूप मशीनरी बढ़ाएं। इसके अलावा, चिन्हित सड़कों की नियमित सफाई, जमा धूल और निर्माण व तोड़फोड़ से निकले मलबे को तुरंत हटाने और वैज्ञानिक तरीके से निपटाने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों और धूल पैदा करने वाली अन्य जगहों पर प्राथमिकता के आधार पर ध्यान देने पर जोर दिया जाना चाहिए। 

आयोग ने एमसीडी द्वारा सड़कों और खुली जगहों से जमा धूल व कचरे को 31 अक्टूबर 2026 की निर्धारित समय-सीमा के भीतर हटाना सुनिश्चित किया जाए। सभी संबंधित जोन और एजेंसियों को आयोग के वैधानिक निर्देशों का सख्ती से पालन करने और दिल्ली-एनसीआर में सड़क की धूल से होने वाले प्रदूषण को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने एवं कम करने तथा हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए धूल कम करने के उपायों को मजबूत करने का निर्देश दिया गया।

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