बाल कहानी "स्वर लहरी"

० सुषमा भंडारी ० 
अ___अरे! कौन आया है ? माँ ने पूछा।
आ___ आशा हूँ आँटी जी , पड़ौस की राधा की बेटी।
अरे आशा , आओ बैठो। आशा बैठ गई।
इ ___ इस बैग में क्या लाई हो आशा ?
ई __ईशा ने पूछा।

ईशा यानि जिनके घर आशा आई थी, ऋषभ की माँ , ऋषभ आशा का दोस्त भी था ।
उ___उई माँ ---ये बैग। मैं तो आपको देना ही भूल गई।
ऊ __ ऊन - सिलाई है इसमें, 
माँ ने कहा था आपको स्वेटर बनाना आता है।
 क्या आपको स्वेटर बनाना आता है ?
क्या आप मेरी गुड़िया का स्वेटर बना देंगी आंटी।
ऋ __तभी घर में ऋषभ आया और हैरान होकर पूछने लगा , 
आशा! तुम यहाँ ? हाँ, क्यूँ मैं यहाँ नहीं आ सकती क्या ?
आशा ने कहा।

आ सकती ही भई। फिर दोनों हँसने लगे, ईशा भी हँसने लगी ।
ए___एक बात है आशा , मैं स्वेटर कैसे बुनूँगी, मेरी आँखे कमजोर हैं और मेरी ऐनक !
ऐ __ ऐनक टूट गई थी, जो मरम्मत के लिए दे रखी है। ऐनक के आते ही स्वेटर बना दूँगी
ओ ___ओ हो! आँटी जी , परेशान होने की कोई बात नहीं, मैं फिर आ जाऊँगी।

मैं घर जा रही हूँ आप आराम करें।
औ___ जल्दी से घर जाती हूँ, आज मम्मी औरियो के बिस्कुट लाएगी ,
 मुझे बहुत पसंद हैं आँटी जी। अं___ अंगूर तो यहां भी रखे हैं बेटा, 
ऋषभ आशा को अंगूर खिलाओ और तुम खा लो। 
अ: _ नहीं - नहीं आँटी जी मैं पुनः आऊँगी, हँसते हुए आशा अपने घर चली गई।

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