फ्रांस और भारत की सांस्कृतिक संगीत कार्यक्रम ‘ले वोयाज दे रेज़े’ सुरों से जोड़ा
जयपुर। फ्रांस-भारत नवाचार वर्ष 2026 के अंतर्गत फ्रांस लाइव के तहत राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC), जयपुर में ‘ले वोयाज दे रेज़े’ (Le Voyage de Rézé) नामक एक मनोरंजक संगीत कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन भारत में फ्रांस के दूतावास, फ्रेंच इंस्टीट्यूट इन इंडिया तथा अलायंस फ्रांसेज़ डी जयपुर द्वारा किया गया। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर और राजस्थान पत्रिका सांस्कृतिक सहयोगी, जबकि कुलिश स्कूल कार्यशाला सहयोगी रहा।इस संगीतमय प्रस्तुति में चार कलाकारों ने संगीत, कविता, चित्रकला और दृश्य माध्यमों का समन्वय प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों को आरंभ से अंत तक बांधे रखा। कार्यक्रम की विशेषता इसकी सहज, रोचक और कल्पनाशील शैली रही। कलाकारों ने परिचित और स्वयं रची गई धुनों के माध्यम से दर्शकों को एक संगीतमय एवं रंगीन यात्रा पर ले जाने का प्रयास किया। मंच पर चित्रों का लाइव निर्माण और उनका तत्काल प्रक्षेपण इस अनुभव को और भी आकर्षक बनाता रहा।भारतीय कलाकारों के साथ जुगलबंदी कार्यक्रम के दौरान आयोजित जामिंग में नीरजा मोदी स्कूल की सियाना, जो हुला-हूप नृत्य की सबसे कम उम्र की कलाकारों में शामिल हैं, तथा युवा मोरचंग और खड़ताल वादक ममता सापरा ने फ्रांसीसी कलाकारों के साथ सहभागिता की। इस प्रस्तुति ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान और संगीत की सार्वभौमिक भाषा का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया।
इस संगीत समूह में रेज़े ने गायन एवं गिटार, सोइफ्रां ने ताल वाद्य, एम्दे ने मंच पर लाइव चित्रांकन और क्रिस्तू ने चित्रों के वास्तविक समय में प्रक्षेपण की जिम्मेदारी निभाई। लगभग 70 मिनट की यह प्रस्तुति फ्रेंच और अंग्रेजी भाषाओं में थी।
भारत में फ्रेंच इंस्टीट्यूट के निदेशक ग्रेगोर ट्रूमेल ने कहा, “'ले वोयाज दे रेज़े' उसी प्रकार का सांस्कृतिक संवाद है, जिसे हम इस वर्ष भारत में प्रस्तुत करना चाहते हैं। यह कार्यक्रम एक संगीत प्रस्तुति को ऐसे सामूहिक अनुभव में बदल देता है, जिसे कलाकार और दर्शक मिलकर सजीव रूप में रचते हैं।
इस संगीत समूह में रेज़े ने गायन एवं गिटार, सोइफ्रां ने ताल वाद्य, एम्दे ने मंच पर लाइव चित्रांकन और क्रिस्तू ने चित्रों के वास्तविक समय में प्रक्षेपण की जिम्मेदारी निभाई। लगभग 70 मिनट की यह प्रस्तुति फ्रेंच और अंग्रेजी भाषाओं में थी।
भारत में फ्रेंच इंस्टीट्यूट के निदेशक ग्रेगोर ट्रूमेल ने कहा, “'ले वोयाज दे रेज़े' उसी प्रकार का सांस्कृतिक संवाद है, जिसे हम इस वर्ष भारत में प्रस्तुत करना चाहते हैं। यह कार्यक्रम एक संगीत प्रस्तुति को ऐसे सामूहिक अनुभव में बदल देता है, जिसे कलाकार और दर्शक मिलकर सजीव रूप में रचते हैं।
रचनात्मकता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की यही भावना फ्रांस-भारत नवाचार वर्ष का मूल उद्देश्य है। हमें अपनी फ्रांस लाइव श्रृंखला और अलायंस फ्रांसेज़ नेटवर्क के सहयोग से इस कार्यक्रम को भारत के नौ शहरों में प्रस्तुत करने की प्रसन्नता है। कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के कॉलेज शिक्षा आयुक्त नथमल डिडेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर राजस्थान के विभिन्न विद्यालयों, विश्वविद्यालयों और संस्थानों के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इनमें पूर्णिमा विश्वविद्यालय, जेके लक्ष्मीपत विश्वविद्यालय, द कुलिश स्कूल, द पैलेस स्कूल, इंडियन वुमेन इम्पैक्ट एनजीओ, राजस्थान पुलिस का टूरिस्ट असिस्टेंस फोर्स, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्राफ्ट्स एंड डिजाइन (IICD), बिरला बालिका विद्यापीठ, पिलानी, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ जेम्स एंड ज्वेलरी तथा बिरला पब्लिक स्कूल, पिलानी प्रमुख रहे।
अलायंस फ्रांसेज़ डी जयपुर की अध्यक्ष डॉ. तूलिका गुप्ता ने कहा, “फ्रेंच इंस्टीट्यूट इन इंडिया के सहयोग से देशभर के अलायंस फ्रांसेज़ नेटवर्क के अंतर्गत आयोजित फ्रांस लाइव कार्यक्रमों के माध्यम से दर्शकों और सहयोगी संस्थानों तक फ्रांसीसी प्रदर्शन कलाओं की उत्कृष्ट प्रस्तुतियां पहुंचाते हैं। इन आयोजनों का उद्देश्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों को सभी के लिए सुलभ और निःशुल्क बनाए रखना भी है।
कार्यक्रम संगीत, कला और रचनात्मकता से भरपूर इस आयोजन ने भारत और फ्रांस के बीच सांस्कृतिक संबंधों को प्रगाढ़ करने तथा विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय कला एवं संगीत से परिचित कराने की दिशा में एक सार्थक पहल प्रस्तुत की।
इस अवसर पर राजस्थान के विभिन्न विद्यालयों, विश्वविद्यालयों और संस्थानों के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इनमें पूर्णिमा विश्वविद्यालय, जेके लक्ष्मीपत विश्वविद्यालय, द कुलिश स्कूल, द पैलेस स्कूल, इंडियन वुमेन इम्पैक्ट एनजीओ, राजस्थान पुलिस का टूरिस्ट असिस्टेंस फोर्स, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्राफ्ट्स एंड डिजाइन (IICD), बिरला बालिका विद्यापीठ, पिलानी, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ जेम्स एंड ज्वेलरी तथा बिरला पब्लिक स्कूल, पिलानी प्रमुख रहे।
अलायंस फ्रांसेज़ डी जयपुर की अध्यक्ष डॉ. तूलिका गुप्ता ने कहा, “फ्रेंच इंस्टीट्यूट इन इंडिया के सहयोग से देशभर के अलायंस फ्रांसेज़ नेटवर्क के अंतर्गत आयोजित फ्रांस लाइव कार्यक्रमों के माध्यम से दर्शकों और सहयोगी संस्थानों तक फ्रांसीसी प्रदर्शन कलाओं की उत्कृष्ट प्रस्तुतियां पहुंचाते हैं। इन आयोजनों का उद्देश्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों को सभी के लिए सुलभ और निःशुल्क बनाए रखना भी है।
कार्यक्रम संगीत, कला और रचनात्मकता से भरपूर इस आयोजन ने भारत और फ्रांस के बीच सांस्कृतिक संबंधों को प्रगाढ़ करने तथा विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय कला एवं संगीत से परिचित कराने की दिशा में एक सार्थक पहल प्रस्तुत की।



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