‘चेतना’ मंच द्वारा साहित्यकारों को स्मृति-चिह्न देकर किया गया सम्मानित
० योगेश भट्ट ०
नई दिल्ली : साहित्य, संवेदना और रचनात्मक अभिव्यक्ति को समर्पित ‘चेतना’ मंच द्वारा दिल्ली में एक काव्य-पाठ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। साहित्यिक और संवाद से सजे इस कार्यक्रम में दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों से आए कवियों एवं कवयित्रियों ने अपनी स्वरचित रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को भावविभोर किया।कार्यक्रम में मोनिका सिंह, मीणा सिंह, शारिका मलिक, ज्योति शर्मा, लक्षिता, शफ़ीक़ सेफ़ी, ज़ुबैर अहमद, काशिफ़ बेग, अज़हर हाशमी सबक़त, प्रीतम कुमार, कैफ़ी कुणाल, फ़ुरक़ान अंसारी, अभिनव दुबे, सचिन परवाना और मक़सूद ख़ान सहित अनेक साहित्यकारों ने भाग लिया। सभी रचनाकारों ने अपनी कविताओं के माध्यम से विविध भावों, विचारों और जीवनानुभवों को अभिव्यक्त किया कार्यक्रम का संचालन ‘चेतना’ मंच की संस्थापिका चेतना लवस ने किया। आयोजन को सफल बनाने में डाबरी मोड़, दिल्ली स्थित हिरांत स्टूडियो ने वेन्यू पार्टनर के रूप में सहयोग दिया। कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस पहल का उद्देश्य रचनाकारों के योगदान को सम्मान देना और साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से कवियों एवं साहित्यप्रेमियों को एक साझा मंच प्रदान करना रहा।
नई दिल्ली : साहित्य, संवेदना और रचनात्मक अभिव्यक्ति को समर्पित ‘चेतना’ मंच द्वारा दिल्ली में एक काव्य-पाठ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। साहित्यिक और संवाद से सजे इस कार्यक्रम में दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों से आए कवियों एवं कवयित्रियों ने अपनी स्वरचित रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को भावविभोर किया।कार्यक्रम में मोनिका सिंह, मीणा सिंह, शारिका मलिक, ज्योति शर्मा, लक्षिता, शफ़ीक़ सेफ़ी, ज़ुबैर अहमद, काशिफ़ बेग, अज़हर हाशमी सबक़त, प्रीतम कुमार, कैफ़ी कुणाल, फ़ुरक़ान अंसारी, अभिनव दुबे, सचिन परवाना और मक़सूद ख़ान सहित अनेक साहित्यकारों ने भाग लिया। सभी रचनाकारों ने अपनी कविताओं के माध्यम से विविध भावों, विचारों और जीवनानुभवों को अभिव्यक्त किया कार्यक्रम का संचालन ‘चेतना’ मंच की संस्थापिका चेतना लवस ने किया। आयोजन को सफल बनाने में डाबरी मोड़, दिल्ली स्थित हिरांत स्टूडियो ने वेन्यू पार्टनर के रूप में सहयोग दिया। कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस पहल का उद्देश्य रचनाकारों के योगदान को सम्मान देना और साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से कवियों एवं साहित्यप्रेमियों को एक साझा मंच प्रदान करना रहा।




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