SBI को ‘सूर्य घर सौर रूफटॉप ऋण’ पहल के लिए मिला CII राष्ट्रीय पुरस्कार
मुंबई। भारतीय स्टेट बैंक को उसकी 'एसबीआई सूर्य घर – सौर रूफटॉप ऋण' पहल के मद्देनज़र 'पर्यावरण संबंधी सर्वोत्तम प्रथाओं' के लिए 13वें सीआईआई राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। चेन्नई में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में, इस परियोजना को सतत समाधान और सेवा (सस्टेनेबल सॉल्यूशंस एंड सर्विसेज़) श्रेणी के अंतर्गत ‘पर्यावरण संबंधी उत्कृष्ट परियोजना’ के रूप में चुना गया।
यह पहल विभिन्न क्षेत्रों की 145 कंपनियों द्वारा प्रस्तुत 316 परियोजनाओं में से चुनी गई थी। सीआईआई-गोदरेज ग्रीन बिजनेस सेंटर द्वारा अपने 'ग्रीनको'कार्यक्रम के तहत आयोजित यह पुरस्कार, पर्यावरण प्रबंधन और पर्यावरण संबंधी नए किस्म के समाधानों में उत्कृष्टता को सम्मानित करता है। बैंक की ओर से सीजीएम (ईएसजी और सीएफयू) आर. शैलेश उन्नीथन ने यह पुरस्कार ग्रहण किया।
एसबीआई के डीएमडी, सीसीओ और चीफ सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर सत्येंद्र कुमार सिंह ने कहा यह सम्मान भारत के स्वच्छ ऊर्जा की ओर संक्रमण के लिए ऋण प्रदान करने के प्रति एसबीआई की प्रतिबद्धता को दृढ़ता प्रदान करता है। 'एसबीआई सूर्य घर' के ज़रिये रूफटॉप सोलर को किफायती और सुलभ बनाकर, एसबीआई परिवारों को स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादक बनने में मदद करता है, और साथ ही देश के जलवायु संबंधी लक्ष्यों में भी योगदान देता है।
एसबीआई का सौर रूफटॉप ऋण पोर्टफोलियो, 30 सितंबर, 2026 तक, ₹20,219 करोड़ का था, जो लगभग 13.73 लाख ऋण-वित्तपोषित इंस्टॉलेशन के जरिए 4.96 गीगावाट की क्षमता का समर्थन कर रहा है। बहुत कम ब्याज दरों और पूरी तरह से डिजिटलीकृत प्रक्रिया के साथ, यह पहल अधिक से अधिक रूफटॉप सोलर अपनाने के रुझान को बढ़ावा दे रही है। एसबीआई सोर्सिंग, मंज़ूरी और वितरण जैसे प्रमुख प्रदर्शन पैमानों पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में अपनी अग्रणी स्थिति बनाए हुए है, साथ ही इसकी कुल बाज़ार हिस्सेदारी 61.69% है।
'एसबीआई सूर्य घर' ऋण पहल, पूरी तरह से डिजिटलीकृत है, जिससे परिवारों को रूफटॉप सोलर में निवेश करने, पारंपरिक ग्रिड बिजली पर निर्भरता कम करने, लंबे समय में बिजली का खर्च घटाने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने में योगदान देने में मदद मिलती है। यह सम्मान, पूरी तरह से डिजिटलीकृत ऋण समाधानों के ज़रिये रूफटॉप सोलर को अधिक सुलभ और किफायती बनाकर, भारत के स्वच्छ ऊर्जा की ओर संक्रमण को वित्तपोषित करने के प्रति एसबीआई की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
यह पहल विभिन्न क्षेत्रों की 145 कंपनियों द्वारा प्रस्तुत 316 परियोजनाओं में से चुनी गई थी। सीआईआई-गोदरेज ग्रीन बिजनेस सेंटर द्वारा अपने 'ग्रीनको'कार्यक्रम के तहत आयोजित यह पुरस्कार, पर्यावरण प्रबंधन और पर्यावरण संबंधी नए किस्म के समाधानों में उत्कृष्टता को सम्मानित करता है। बैंक की ओर से सीजीएम (ईएसजी और सीएफयू) आर. शैलेश उन्नीथन ने यह पुरस्कार ग्रहण किया।
एसबीआई के डीएमडी, सीसीओ और चीफ सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर सत्येंद्र कुमार सिंह ने कहा यह सम्मान भारत के स्वच्छ ऊर्जा की ओर संक्रमण के लिए ऋण प्रदान करने के प्रति एसबीआई की प्रतिबद्धता को दृढ़ता प्रदान करता है। 'एसबीआई सूर्य घर' के ज़रिये रूफटॉप सोलर को किफायती और सुलभ बनाकर, एसबीआई परिवारों को स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादक बनने में मदद करता है, और साथ ही देश के जलवायु संबंधी लक्ष्यों में भी योगदान देता है।
एसबीआई का सौर रूफटॉप ऋण पोर्टफोलियो, 30 सितंबर, 2026 तक, ₹20,219 करोड़ का था, जो लगभग 13.73 लाख ऋण-वित्तपोषित इंस्टॉलेशन के जरिए 4.96 गीगावाट की क्षमता का समर्थन कर रहा है। बहुत कम ब्याज दरों और पूरी तरह से डिजिटलीकृत प्रक्रिया के साथ, यह पहल अधिक से अधिक रूफटॉप सोलर अपनाने के रुझान को बढ़ावा दे रही है। एसबीआई सोर्सिंग, मंज़ूरी और वितरण जैसे प्रमुख प्रदर्शन पैमानों पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में अपनी अग्रणी स्थिति बनाए हुए है, साथ ही इसकी कुल बाज़ार हिस्सेदारी 61.69% है।
'एसबीआई सूर्य घर' ऋण पहल, पूरी तरह से डिजिटलीकृत है, जिससे परिवारों को रूफटॉप सोलर में निवेश करने, पारंपरिक ग्रिड बिजली पर निर्भरता कम करने, लंबे समय में बिजली का खर्च घटाने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने में योगदान देने में मदद मिलती है। यह सम्मान, पूरी तरह से डिजिटलीकृत ऋण समाधानों के ज़रिये रूफटॉप सोलर को अधिक सुलभ और किफायती बनाकर, भारत के स्वच्छ ऊर्जा की ओर संक्रमण को वित्तपोषित करने के प्रति एसबीआई की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

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