डाबड़ी कर्बला शरीफ़ में डीडीए की चारदीवारी के विरोध में सैकड़ों मुसलमानों का प्रदर्शन
० इरफ़ान राही ०
नई दिल्ली, डाबड़ी स्थित वक्फ़ कब्रिस्तान एवं कर्बला की भूमि पर डीडीए द्वारा चारदीवारी निर्माण के विरोध में सैकड़ों मुस्लिम लोगों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। महावीर एंक्लेव पार्ट 1,2,3,, राजपुरी, सीतापुरी, चाणक्य प्लेस, जानकीपुरी, भगवती विहार, डाबड़ी, दुर्गा पार्क, विजय एंक्लेव, जनकपुरी, सागरपुर और नसीरपुर पॉकेट नंबर 8 सहित आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने प्रशासन से कथित अतिक्रमण पर तत्काल रोक लगाने और धार्मिक स्थल की भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि खसरा नंबर 27/19 की भूमि सैकड़ों वर्षों से उनके धार्मिक एवं भावनात्मक जुड़ाव का केंद्र रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस भूमि पर डीडीए द्वारा चारदीवारी निर्माण की कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से कहा कि मामले का समाधान कानून और न्यायालय के आदेशों के अनुरूप किया जाए।कब्रिस्तान वेलफेयर एसोसिएशन, डाबड़ी की ओर से प्रशासन को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2022 से उक्त भूमि पर मिट्टी एवं मलबा हटाने, भूमि का स्वरूप बदलने तथा पुरानी कब्रों एवं धार्मिक निशानों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं होती रही हैं। संस्था के अनुसार, 9 अप्रैल 2022 को थाना डाबड़ी में शिकायत तथा पीसीआर को सूचना दी गई थी।शिकायत में बताया गया है कि वर्ष 2022 में जेसीबी और डम्परों के माध्यम से भूमि में परिवर्तन किए जाने के बाद आपत्ति दर्ज कराई गई थी। इसके बाद द्वारका स्थित सिविल न्यायालय ने 10 अक्टूबर 2022 को (यथास्थिति बनाए रखने) का आदेश पारित किया था।संस्था का आरोप है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद 9 अगस्त 2026 को पुनः निर्माण एवं अतिक्रमण का प्रयास किया गया, जिसकी सूचना पीसीआर और पुलिस को दी गई। शिकायत के अनुसार, 24 अगस्त 2026 को उसी भूमि पर पुनः निर्माण की कार्रवाई की गई। संस्था ने इस पूरे मामले में डीडीए के संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि खसरा नंबर 27/19 पर किसी भी प्रकार का निर्माण, अतिक्रमण, तोड़फोड़ अथवा भूमि की स्थिति बदलने का कार्य तत्काल रोका जाए। साथ ही, न्यायालय के आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा वर्ष 2022 और 2026 की सभी घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
शिकायत में पीसीआर कॉल, पुलिस शिकायत, डीडी एंट्री, पुलिस ड्यूटी रिकॉर्ड संख्या 116, सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित कर जांच में शामिल करने की मांग भी की गई है। संस्था ने पुरानी कब्रों एवं पूर्व निर्मित दीवार को हुए कथित नुकसान की जांच कर दोषियों के विरुद्ध ऑएफआईर एवं अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की।
कब्रिस्तान वेलफेयर एसोसिएशन के सदर मोहम्मद इक़बाल ने कहा कि यह केवल भूमि विवाद नहीं, बल्कि कब्रिस्तान एवं कर्बला शरीफ़ से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील धार्मिक मामला है। उन्होंने कहा कि संस्था कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहती, बल्कि न्यायालय के आदेश और कानून का सम्मान करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से समय रहते कार्रवाई करने की अपील की, ताकि क्षेत्र में तनाव अथवा कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने मांग की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि खसरा नंबर 27/19 पर किसी भी प्रकार का निर्माण, अतिक्रमण, तोड़फोड़ अथवा भूमि की स्थिति बदलने का कार्य तत्काल रोका जाए। साथ ही, न्यायालय के आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा वर्ष 2022 और 2026 की सभी घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
शिकायत में पीसीआर कॉल, पुलिस शिकायत, डीडी एंट्री, पुलिस ड्यूटी रिकॉर्ड संख्या 116, सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित कर जांच में शामिल करने की मांग भी की गई है। संस्था ने पुरानी कब्रों एवं पूर्व निर्मित दीवार को हुए कथित नुकसान की जांच कर दोषियों के विरुद्ध ऑएफआईर एवं अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की।
कब्रिस्तान वेलफेयर एसोसिएशन के सदर मोहम्मद इक़बाल ने कहा कि यह केवल भूमि विवाद नहीं, बल्कि कब्रिस्तान एवं कर्बला शरीफ़ से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील धार्मिक मामला है। उन्होंने कहा कि संस्था कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहती, बल्कि न्यायालय के आदेश और कानून का सम्मान करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से समय रहते कार्रवाई करने की अपील की, ताकि क्षेत्र में तनाव अथवा कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने मांग की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।
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