शेपिंग फ्यूचर : विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने की एक पहल

० आशा पटेल ० 
जयपुर। जयपुर के दो दूरदर्शी व्यक्तित्वों, सीए अनिल खंडेलवाल एवं आलोक कोटावाला ने एक ऐसी मुहिम की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य था देश के उन मेधावी विद्यार्थियों के सपनों को साकार करना, जो प्रतिभाशाली तो हैं, लेकिन आर्थिक अभाव के कारण अपनी शिक्षा और भविष्य को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इस मुहिम का नाम रखा गया ‘शेपिंग फ्यूचर’। शेपिंग फ्यूचर का विश्वास है कि किसी भी विद्यार्थी की प्रतिभा उसके परिवार की आर्थिक स्थिति की मोहताज नहीं होनी चाहिए। धन के अभाव में किसी योग्य विद्यार्थी का सपना अधूरा रह जाए, इससे बड़ी सामाजिक विडंबना क्या हो सकती है ?
इस मुहिम के अंतर्गत देश के प्रतिष्ठित सरकारी शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले जरूरतमंद एवं मेधावी विद्यार्थियों को आर्थिक सहयोग दिया जाता है। इनमें आईआईटी एवं एनआईटी से इंजीनियरिंग करने वाले, सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से कानून की शिक्षा प्राप्त करने वाले तथा चार्टर्ड अकाउंटेंसी, कंपनी सेक्रेटरी और कॉस्ट अकाउंटेंसी जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी शामिल हैं।
वे विद्यार्थी जिनमें आगे बढ़ने का जुनून है, अपनी मेहनत से जीवन बदलने का संकल्प है और देश के विकास में योगदान देने की क्षमता है। जरूरत है एक ऐसे सहयोग की, जो उनकी आर्थिक बाधाओं को दूर कर सके। शेपिंग फ्यूचर की इस मुहिम से देश के विभिन्न क्षेत्रों के अनेक प्रतिष्ठित व्यक्ति जुड़े हुए हैं। इनमें डॉक्टर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, मुख्य न्यायाधीश, अधिवक्ता, आर्किटेक्ट, बैंकर्स, व्यापारी, ज्वेलर्स और शिक्षाविद शामिल हैं।
 इसके विद्यार्थी आईआईटी दिल्ली, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी कानपुर, आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी पटना और एमएनआईटी जयपुर सहित अनेक प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में अध्ययन कर रहे हैं। इसी प्रकार, एम्स दिल्ली, एम्स ऋषिकेश, एम्स भोपाल, एम्स हैदराबाद, एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर, आरएनटी मेडिकल कॉलेज उदयपुर, एसपी मेडिकल कॉलेज बीकानेर, एसएन मेडिकल कॉलेज जोधपुर और जेएलएन मेडिकल कॉलेज अजमेर जैसे प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के विद्यार्थी भी इससे जुड़े हुए हैं।
गोवा से लेकर नागालैंड तक और देश के विभिन्न राज्यों में स्थित सरकारी शिक्षण संस्थानों तक पहुंच बनाने वाली यह पहल इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा किसी एक शहर या प्रदेश तक सीमित नहीं होती। सही अवसर और समय पर सहयोग मिलने से देश के किसी भी हिस्से का विद्यार्थी सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है। शेपिंग फ्यूचर की वास्तविक शक्ति केवल इससे जुड़े विद्यार्थियों की संख्या या वितरित की गई सहायता राशि में नहीं, बल्कि उस विश्वास में है, जो समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को एक साझा उद्देश्य से जोड़ता है।
इस मुहिम ने बिना अपना बैंक खाता खोले और बिना एक पंजीकृत एनजीओ बनाए, आपसी विश्वास, पारदर्शिता और प्रत्यक्ष सहयोग के आधार पर एक व्यापक सहायता नेटवर्क विकसित किया है। यहां दानदाता और विद्यार्थी के बीच सहयोग का सीधा संबंध स्थापित किया जाता है। यथासंभव सहायता की राशि सीधे संबंधित शिक्षण संस्थान या निर्धारित खर्च के लिए भुगतान की जाती है। इससे दानदाता को यह भरोसा मिलता है कि उसकी सहायता सही विद्यार्थी की शिक्षा पर खर्च हो रही है।

आज तक लगभग 900 दानदाताओं के सहयोग से देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित प्रतिष्ठित सरकारी शिक्षण संस्थानों के 1,150 से अधिक विद्यार्थियों को सहायता देने और लगभग ₹12 करोड़ वितरित करने का कार्य किया जा चुका है। यह उपलब्धि केवल आर्थिक सहयोग की कहानी नहीं है, बल्कि विश्वास, पारदर्शिता और सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी की शक्ति का प्रमाण है।

शेपिंग फ्यूचर की सफलता का सबसे सुखद पहलू यह है कि इसके 102 विद्यार्थी अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके हैं। इनमें 25 विद्यार्थी एमबीबीएस की शिक्षा पूरी कर चुके हैं, जबकि अन्य विद्यार्थियों ने सीए और इंजीनियरिंग जैसे पाठ्यक्रम पूरे किए हैं। आज इनमें से कई युवा अपने पेशेवर जीवन में आगे बढ़ रहे हैं। उनके वार्षिक वेतन पैकेज लगभग ₹12 लाख से लेकर ₹1 करोड़ तक बताए गए हैं।

 इसका अर्थ है कि जिन परिवारों के लिए बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च उठाना कठिन था, आज उन्हीं परिवारों के बच्चे अपने पैरों पर खड़े होने, अपने माता-पिता को बेहतर जीवन देने और अगली पीढ़ी के लिए नए अवसर तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। एक विद्यार्थी की शिक्षा में किया गया निवेश केवल एक व्यक्ति का भविष्य नहीं बदलता, बल्कि पूरे परिवार की दिशा बदल सकता है।

शेपिंग फ्यूचर से भारत के बाहर रहने वाले अनेक प्रवासी भारतीय भी जुड़े हुए हैं। यूएई, अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर, मस्कट, पश्चिमी अफ्रीका और इंडोनेशिया सहित विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले भारतीय इस मुहिम के माध्यम से अपने देश के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में योगदान दे सकते हैं। 

शेपिंग फ्यूचर किसी पर उपकार करने की भावना से नहीं, बल्कि प्रतिभा को अवसर देने के विश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। इसका उद्देश्य ऐसे युवाओं को सक्षम बनाना है, जो अपनी योग्यता और मेहनत के बल पर न केवल अपना जीवन बदलें, बल्कि अपने परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त करें और भविष्य में समाज के अन्य जरूरतमंद लोगों की सहायता करने के लिए भी प्रेरित हों। 

यदि आप भी चाहते हैं कि धन के अभाव में किसी योग्य विद्यार्थी की शिक्षा न रुके, तो शेपिंग फ्यूचर से जुड़िए। किसी विद्यार्थी की शिक्षा का दायित्व उठाइए, उसकी प्रगति से जुड़े रहिए और उसके सपनों को साकार होते देखिए। 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

स्पेशल ओलंपिक्स यूनिफाइड बास्केटबॉल 3x3 वर्ल्ड कप भारत ने जीता ब्रॉन्ज मेडल

सांगानेर में सरकार की संवेदनहीनता से 87 कॉलोनियों पर संकट

इंडिया इंटरनेशनल हॉस्पिटैलिटी एक्सपो में ईपीसीएच पवेलियन ने भारतीय शिल्प कौशल का किया प्रदर्शन

IFWJ के पत्रकारों का सिस्टम के विरुद्ध अनिश्चितकालीन धरना

प्रभात पोस्ट के 12वें वार्षिक समारोह में इंडियन ऑइकानिक अवार्ड प्रदान

पेंशनर सोसाइटी ने पेंशनर्स समस्या हल करने हेतु राज्यपाल से लगाई गुहार

नई जेनरेशन को मालूम ही नहीं,आज़ादी कैसे मिली