माइक्रो आर्टिस्ट डॉ.राम सिंह राजोरिया को मिला अंतरराष्ट्रीय विश्व रिकॉर्ड सम्मान

० आशा पटेल ० 
जयपुर। जयपुर के माइक्रो आर्टिस्ट डॉ. राम सिंह राजोरिया को उनकी सूक्ष्म कला के लिए Oxford Book of World Records द्वारा अंतरराष्ट्रीय विश्व रिकॉर्ड से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान विश्व की सबसे छोटी हस्तनिर्मित श्रीमद्भगवद्गीता को ऐक्रेलिक शीट पर उकेरने की अद्वितीय उपलब्धि के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. राम सिंह राजोरिया ने मात्र 3.5 × 5 इंच की ऐक्रेलिक शीट पर श्रीमद्भगवद्गीता के सभी 18 अध्यायों और 700 श्लोकों को संस्कृत में सूक्ष्मता से उकेरा। यह असाधारण कलाकृति उन्होंने जयपुर में 2 वर्ष के अथक प्रयास से पूर्ण की। इस कार्य में उनकी एकाग्रता, धैर्य, साधना और वर्षों की मेहनत का विशेष योगदान रहा।
डॉ. राजोरिया की यह उपलब्धि केवल कला के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय सफलता नहीं है, बल्कि भारतीय आध्यात्मिक विरासत, सनातन संस्कृति और श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश को विश्व स्तर पर प्रस्तुत करने का भी एक अनूठा प्रयास है।
डॉ. राम सिंह राजोरिया ने माइक्रो आर्ट के क्षेत्र में कई अनूठी कलाकृतियाँ तैयार की हैं। उनकी प्रमुख उपलब्धियों में चावल के एक दाने पर 203 हाथियों की आकृतियाँ उकेरना, चावल के दाने पर लगभग 4,000 अक्षर लिखना, गायत्री मंत्र लिखना, राष्ट्रीय गान अंकित करना तथा एक ही चावल के दाने पर 701 बार 'राम-राम' लिखना शामिल है। उन्होंने एक चावल के दाने पर मात्र 2 × 4 मिलीमीटर आकार में अयोध्या के
श्रीराम मंदिर का सूक्ष्म चित्र बनाया तथा 2 × 1 मिलीमीटर आकार के कपड़े पर भारतीय तिरंगा तैयार किया। इन कलाकृतियों के माध्यम से उन्होंने सूक्ष्म कला की संभावनाओं और अपनी असाधारण रचनात्मक क्षमता का परिचय दिया है। उनके नाम से जुड़े सम्मानों में International book of world record, India Book of Records, Asia Book of Records, World Book of Records London तथा अन्य रिकॉर्ड संस्थाओं के सम्मान शामिल हैं।

डॉ. राम सिंह राजोरिया की कला में भारतीय परंपरा, आध्यात्मिकता और रचनात्मकता का अद्भुत संगम दिखाई देता है। अत्यंत छोटे माध्यमों पर जटिल आकृतियाँ और धार्मिक ग्रंथों के श्लोक उकेरना असाधारण धैर्य, एकाग्रता और कौशल की मांग करता है। उनकी उपलब्धियाँ सूक्ष्म कला के प्रति समर्पण और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं प्रचारित करने की दिशा में प्रेरणादायक उदाहरण हैं।

Oxford Book of World Records से प्राप्त अंतरराष्ट्रीय सम्मान के साथ डॉ. राम सिंह राजोरिया ने जयपुर और राजस्थान की कला प्रतिभा को एक नई पहचान दिलाई है। उनकी यह उपलब्धि कला प्रेमियों, युवा कलाकारों और भारतीय संस्कृति से जुड़े लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

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