कण कण में विज्ञान

० 
सुषमा भंडारी ० 
कहाँ नहीं विज्ञान बताओ कहाँ नहीं विज्ञान
भूत-भविष्य का ज्ञाता है , वर्तमान की शान
भू गर्भ से लेकर ये अन्तरिक्ष तक जाये
जैविक, भौतिक, मौसम और रसायन भी समझाये

माटी के कण कण में सब है , पानी, हवा व आग
करता है विज्ञान खुलासा, क्या है जीवन राग
जीवन से मृत्यु तक का देता यही हिसाब
क्या होती है मूल हकीकत क्या होता है ख़्वाब
विविध समस्यायें हल करता सबका यही जवाब
कण कण में विज्ञान छिपा है कण कण में विज्ञान
==================================
सोचती हूँ गुलाब हो जाऊँ
महकाती रहूँ परिवेश
बहुत मुश्किल होता है परिवर्तन
साँचे में ढलना पड़ता है, पिघलना पड़ता है

सब सहने के बाद मिलता है द्वेष
इसलिए काँटों को रखती हूँ संग
यही है मेरा परिवेश

सोचती हूँ मुस्कान हो जाऊँ
सबके चेहरे पर खिलखिलाती रहूँ
मगर ये और भी मुश्किल है
एक चेहरे पर कई - कई चेहरे हैं

समझ ही नहीं पाती
कब मुस्काऊँ और
कब हो जाऊँ जज़्बाती
कब हो खुशी, कब हो क्लेश
यही है मेरा परिवेश
==================
हम को लोग कहें दीवाना
भूले जब से हम मुस्काना

चाँद तो आखिर ठहरा चाँद
चाँद को भी क्या चमकाना

महफ़िल में रौनक ही रौनक
अपना दिल ही था बेगाना

बाँटी हमने सदा बहारें
फिर भी दीखे क्यूँ वीराना

सन्नाटों की गूँज बहुत है
चुप्पी को भी क्या उकसाना

शमा की खातिर मिटे पतंगा
सीखा नहीं है शोर मचाना
===================
प्रीत की, बयार गुनगुना रही
कान में रस घोल के लुभा रही।।
रोम-रोम खिल उठा है फूल सा
गीत पवन गा रही लजा रही।।

स्वप्न जी उठे हैं जो थे मृत - से
बांसुरी जो मौन थी वो गा रही ।।
छंद -बँध , बँध रहे हैं गीत में
धडकनें दिल की मुस्कुरा रही

श्वांस-श्वांस में बसे अराध्य तुम
चेतना सिमट -सिमट बता रही।।
जीत न कुछ हार न ये प्यार है
क्यूं ये हृदय वेदना सता रही।।
======================
आंखों से बरसा है पानी
जब से तेरी हुई दीवानी
अब रोये दिल तड़प तड़प के
पहले दिल ने बात न मानी

दुनिया के बंधन सब झूठे
जाने हैं सब यही कहानी
सुनते आये कभी न मानी
गुरुओं की है सच्ची बानी

खुद से पहले सोचे सबकी
सब से बड़ा वही है दानी

टिप्पणियाँ

शुक्रिया आरिफ जी

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

स्पेशल ओलंपिक्स यूनिफाइड बास्केटबॉल 3x3 वर्ल्ड कप भारत ने जीता ब्रॉन्ज मेडल

सांगानेर में सरकार की संवेदनहीनता से 87 कॉलोनियों पर संकट

IFWJ के पत्रकारों का सिस्टम के विरुद्ध अनिश्चितकालीन धरना

प्रभात पोस्ट के 12वें वार्षिक समारोह में इंडियन ऑइकानिक अवार्ड प्रदान

पेंशनर सोसाइटी ने पेंशनर्स समस्या हल करने हेतु राज्यपाल से लगाई गुहार

श्री राम राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था अयोध्या धाम पटल पर गूंजी पर्यावरण चेतना,महिला कवित्रियों ने रचा हरित इतिहास

थेसालोनिकी इंटरनेशनल फेयर में पद्मश्री तिलक गीताई के लघु चित्रों की प्रदर्शनी का उद्घाटन